
काठमांडू, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को निपाह वायरस के मामलों के संदर्भ में नागरिकों से घबराने के बजाय सतर्क और जिम्मेदार रहने की अपील की है। मंत्रालय ने एक बयान में जानकारी दी कि कुछ देशों में निपाह वायरस के मामलों की सूचना मिली है, जिसके लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि महामारी विज्ञान एवं रोग नियंत्रण प्रभाग (ईडीसीडी) ने देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों और संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और निपाह वायरस की जांच के लिए व्यवस्था की गई है। यह वायरस संक्रमित चमगादड़ों के मूत्र, मल या लार से दूषित फलों के सेवन से फैल सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागरिकों से अवश्यक मानक स्वास्थ्य उपाय अपनाने का अनुरोध किया है, जिसमें फलों को अच्छी तरह धोकर खाना, सब्जियों को पका कर खाना, उबला या सुरक्षित पानी पीना, पशुशालाओं और खेतों में स्वच्छता बनाए रखना, दस्ताने और मास्क का उपयोग करना, बार-बार हाथ धोना तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क पहनना शामिल है।
मंत्रालय ने नागरिकों से सलाह दी है कि यदि किसी में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, मतली, उल्टी या गंभीर मामलों में बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो संबंधित व्यक्ति को अलग रखा जाए और तुरंत सूचना दी जाए। संदिग्ध लक्षण महसूस होने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें या स्वास्थ्य हॉटलाइन 1115 पर कॉल करें। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि नेपाल में अब तक निपाह वायरस का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है और किसी संभावित जोखिम को न्यूनतम करने के लिए स्वास्थ्य प्राधिकरण पूरी तरह तैयार हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदार संस्थाओं के समन्वय में स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और नागरिकों से अफवाहों से बचने की अपील की है, साथ ही यह अनुरोध किया कि केवल मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा किया जाए।
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में निपाह वायरस से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम को कम आंका है, फिर भी भारत में सामने आए मामलों के मद्देनजर मंत्रालय ने तैयारी और जन-जागरूकता के उपायों को और मजबूत किया है।
