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पाकिस्तान अब अमेरिका को देगा भारत से ज्यादा शुल्क, बांग्लादेश पर भी टैरिफ में वृद्धि

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ((American President Donald Trump)) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद, भारत के लिए अमेरिकी शुल्क में महत्वपूर्ण कमी की घोषणा की गई है। इस समझौते के तहत, अब भारत को अमेरिकी बाजार में अपनी वस्तुओं पर 25 प्रतिशत की बजाय 18 प्रतिशत शुल्क देना होगा। यह कदम भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। विशेष रूप से, भारत को अब दक्षिण एशिया के देशों जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी कम शुल्क का सामना करना पड़ेगा, जिन पर पहले अधिक शुल्क था।


ट्रंप ने सोमवार को हुई वार्ता के बाद कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है, जो दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत खुशी हुई है कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क 18 प्रतिशत रह जाएगा, जो भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत है।


अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्क
इस समझौते के बाद, अब भारत के मुकाबले अन्य देशों पर अधिक शुल्क लगाए जाएंगे। इस सूची में पाकिस्तान पर 19 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत और अन्य देशों पर अलग-अलग दरों पर शुल्क लागू किए गए हैं। इस संदर्भ में प्रमुख देशों का शुल्क निम्नलिखित है:


ब्राजील – 50%
न्यूजीलैंड – 15%
सीरिया – 41%
कनाडा – 35%
पाकिस्तान – 19%
बांग्लादेश – 20%
श्रीलंका – 20%
चेकिया – 15%
मलेशिया – 19%
मेक्सिको – 25%
वियतनाम – 20%
फ्रांस – 15%

यह बदलाव इस तथ्य को रेखांकित करता है कि अब भारत को उन देशों से कम शुल्क का सामना करना पड़ेगा, जिनके साथ पहले प्रतिस्पर्धा अधिक थी।


भारत-अमेरिका व्यापार संबंध और चुनौती
अक्टूबर 2025 में हुई पिछली फोन वार्ता के बाद, यह व्यापार समझौता एक बड़ी कड़ी में जुड़ा है, जिसके तहत दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए कई बार विचार विमर्श किया था। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के बाद व्यापारिक प्रगति में रुकावट आई थी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ा था। इसके अतिरिक्त, रूस से कच्चे तेल के आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क भी इस प्रक्रिया का हिस्सा था।


वैश्विक संदर्भ और भारत के लिए लाभ
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर हुई वार्ता के ठीक बाद, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर वॉशिंगटन डीसी के दौरे पर पहुंचे हैं, और अधिकारियों ने यह कहा कि अब भारत पर लगने वाला शुल्क निर्यात के मामले में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम हो गया है। इससे भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा में वृद्धि हो सकती है, और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर उत्पन्न हो सकता है। यह व्यापार समझौता न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने वाला कदम है, बल्कि वैश्विक व्यापार समीकरणों में भी नई दिशा प्रदान कर सकता है, जहां भारत अब अधिक प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति में आ सकता है।

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