Friday, March 6खबर जो असर करे |
Shadow

सरकार बजट सत्र में आईबीसी संशोधन विधेयक पेश करेगी

नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्र सरकार दिवालियापन और कर्ज समाधान से जुड़े कानून दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद वित्‍त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि आईबीसी संशोधन विधेयक को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में लाया जाएगा। संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।

निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार की योजना है कि 9 मार्च से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया जाएगा। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि संसदीय समिति ने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) से संबंधित प्रस्तावित कानून पर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

लोकसभा में बजट 2026-27 पेश करने के एक दिन बाद वित्त मंत्री ने कहा कि आईबीसी कानून में बदलाव को लेकर संसदीय समिति पहले ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। समिति की रिपोर्ट में कानून को और बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। सरकार इन सुझावों के आधार पर संशोधन विधेयक तैयार कर रही है, ताकि दिवालिया मामलों का निपटारा तेजी से हो सके और बैंक एवं निवेशकों को समय पर समाधान मिल सके।

सीतारमण ने उम्मीद जताई कि कुछ शर्तों के अधीन समिति के सुझावों को रखते हुए दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक को 9 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिवाला कानून में प्रस्तावित संशोधन समयबद्धता और दक्षता को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे, साथ ही भारत की ऋण शोधन व्यवस्था को वैश्विक सर्वोत्तम गतिविधियों के अनुरूप बनाएंगे।

यह उल्लेखनीय है कि सरकार ने 12 अगस्त, 2025 को लोकसभा में दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया था। यह 2016 में लागू हुए आईबीसी अधिनियम का सातवां संशोधन होगा। अंतिम संशोधन 2021 में हुआ था। इस विधेयक में दिवाला समाधान आवेदनों की स्वीकृति में लगने वाले समय को कम करने सहित कई बदलाव के प्रस्ताव किए गए हैं। विधेयक को लोकसभा की प्रवर समिति को विचार के लिए भेजा गया था, और समिति ने दिसंबर, 2025 में अपनी रिपोर्ट दे दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *