
धमतरी, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। जिले के औद्योगिक विकास को सशक्त आधार प्रदान करते हुए कुरूद–मगरलोड क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। ग्राम भालूझूलन (तहसील कुरूद) एवं ग्राम करेलीबड़ी (तहसील मगरलोड) में सोमवार को औद्योगिक अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम ग्राम डांडेसरा, कुरूद में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कुरूद अजय चंद्राकर तथा अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने की। दोनों के करकमलों से विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार ने किया।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम भालूझूलन में 11.00 हेक्टेयर भूमि पर 7.94 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें 39 भूखण्ड उपलब्ध होंगे। वहीं ग्राम करेलीबड़ी में 14.00 हेक्टेयर भूमि पर 8.67 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जाएगी, जहां 36 आबंटन योग्य भूखण्ड विकसित किए जाएंगे।
इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने से लघु एवं मध्यम उद्योगों को सुदृढ़ अधोसंरचना, निवेशकों को अनुकूल वातावरण तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। इससे क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विधायक अजय चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र में संचालित आईटीआई संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण महिलाओं को कैंटीन, सेवाक्षेत्र एवं सहायक व्यवसायों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा।
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक अधोसंरचना के निरंतर विकास से निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है और छत्तीसगढ़ औद्योगिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त राज्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष जिला पंचायत धमतरी गौकरण साहू, जनपद अध्यक्ष कुरूद गीतेश्वरी साहू, नगरपालिका कुरूद की अध्यक्ष ज्योति भानुचंद्राकर, नगर पंचायत भखारा की अध्यक्ष ज्योति हरख जैन, ग्राम पंचायत कन्हारपुरी-भालूझूलन की सरपंच हेमा ब्रम्हदत्त गन्नीर, ग्राम पंचायत डांडेसरा के सरपंच सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय उद्योगपति, राइस मिलर्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
