
इंदौर, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से फैलने वाली बीमारी के कारण एक और मरीज की मौत हो गई। एक महीने से अधिक समय से अस्पताल में भर्ती 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला मरीज का रविवार रात इलाज के दौरान निधन हो गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या अब 32 हो गई है।
जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से प्रभावित 65 वर्षीय अनिता कुशवाह की तबीयत पिछले महीने बिगड़ी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 04 जनवरी से बॉम्बे हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था, जहाँ वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। उनकी स्थिति गंभीर होने पर रविवार की रात उनकी मृत्यु हो गई।
अनिता के बेटे नीलेश ने बताया कि उनकी मां को पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। वे 28 दिसंबर को उल्टी और दस्त के कारण अस्पताल में भर्ती हुई थीं। दो दिन बाद डिस्चार्ज होकर घर आईं, लेकिन उनकी स्थिति फिर बिगड़ गई। पुनः 01 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ उनका इलाज जारी रहा, लेकिन तबियत में सुधार नहीं हुआ।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव हसानी ने कहा कि शासन की ओर से मरीज का इलाज एक हायर सेंटर पर किया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका। अनिता के परिवार में एक बेटा और दो बेटियाँ हैं। उनका अंतिम संस्कार आज किया जाएगा।
इस मौत के बाद, मृतकों की संख्या 32 पहुँच गई है। इन मृतकों में शामिल हैं: उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), और अन्य। भागीरथपुरा में अब तक 450 से अधिक मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है, लेकिन अभी भी तीन मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 24 घंटे कार्यरत है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। स्थिति में सुधार के बावजूद, क्षेत्र के निवासी अभी भी सहमे हुए हैं।
