
गदग (कर्नाटक), 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। कर्नाटक के गदग ज़िले के ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव में चल रहा उत्खनन कार्य तेज़ी से जारी है। बीते 14 दिनों में यहां 50 से अधिक दुर्लभ पुरातात्विक अवशेषों की खोज की गई है, जिससे लक्कुंडी के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं और इतिहास प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ी है।
गदग तालुक के लक्कुंडी गांव में स्थित कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर के सामने राज्य पुरातत्व विभाग के नेतृत्व में उत्खनन किया जा रहा है। इस दौरान शिल्प, पत्थर की संरचनाएं और अन्य प्राचीन वस्तुएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों द्वारा इन अवशेषों का दस्तावेज़ीकरण और वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है।
राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक शेजेश्वर ने उत्खनन स्थल का दौरा कर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि लक्कुंडी में पंच मंदिरों और पंच बावड़ियों की पहचान करने का महत्वाकांक्षी अभियान चल रहा है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खोजें होने की संभावना है।
उत्खनन कार्य से उड़ रही धूल के कारण गांव के विवेकानंद विद्यालय के छोटे बच्चों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एलकेजी और यूकेजी के बच्चों में डस्ट एलर्जी, बुखार और खांसी के मामले सामने आए हैं। इससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। बीमारी के कारण स्कूल आने वाले बच्चों की संख्या में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाने की मांग की है।
गदग के जिलााधिकारी सी.एन. श्रीधर ने लक्कुंडी के ऐतिहासिक मंदिरों का दौरा कर स्थिति का जायज़ा लिया। राज्य और केंद्र सरकार के पुरातत्व विभागों के अंतर्गत आने वाले मंदिरों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने बताया कि कुम्भारेश्वर मंदिर से सटे मकानों को शीघ्र स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा पहले ही दिया जा चुका है और स्थानांतरण की प्रक्रिया भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के माध्यम से पूरी की जाएगी।
वहीं, उत्खनन और मंदिर विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं मंदिर परिसरों और आसपास रह रहे परिवारों में विस्थापन को लेकर भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए।
इसी बीच भारतीय पुरातत्व विभाग के सेवानिवृत्त अधीक्षक और लक्कुंडी उत्खनन परियोजना के निदेशक रहे टी.एम. केशव (74) का कैंसर से पीड़ित होने के कारण बेंगलुरु में निधन हो गया। जून 2025 में लक्कुंडी में उत्खनन कार्य की शुरुआत में उनकी अहम भूमिका रही थी। उनके निधन को पुरातत्व क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति बताते हुए अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया। लक्कुंडी उत्खनन स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
