
शिमला, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। साइबर ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, और बुजुर्ग नागरिक भी इसका शिकार बन रहे हैं। हालिया घटना शिमला जिले में हुई है, जहां एक 69 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से अस्पताल में इलाज के दौरान लगभग दस लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि न तो उन्होंने किसी को ओटीपी, पिन, या पासवर्ड बताया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, फिर भी उनके खाते से इतनी बड़ी राशि गायब हो गई।
ठगी का शिकार हुए बुजुर्ग, जो सुन्नी के मूल निवासी हैं, वर्तमान में उपनगर संजौली में रह रहे हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका एक राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता है। 3 जनवरी को जब वे अस्पताल में थे, उनके बैंक खाते से दो बार पैसे निकाल लिए गए। पहली बार पांच रुपये और दूसरी बार 4.99 रुपये की निकासी की गई।
शिकायकर्ता ने कहा कि जब वे अस्पताल में इलाज करवाने में व्यस्त थे, तब उन्होंने कोई ऑनलाइन लेन-देन नहीं किया। इसके अलावा, उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक से संबंधित कोई जानकारी साझा नहीं की। बाद में उन्हें एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल भी आई, लेकिन उस कॉल से पहले ही उनके खाते से पैसे निकल चुके थे। जब उन्हें अपने बैंक खाते से पैसे की निकासी का पता चला, तो वे दंग रह गए।
पीड़ित ने तुरंत अपने बैंक से संपर्क किया और मामले की जानकारी ली, लेकिन तब तक राशि निकल चुकी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से सम्पर्क किया और पूरी घटना की शिकायत दर्ज करवाई।
इस मामले में पुलिस थाना छोटा शिमला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है, और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला साइबर धोखाधड़ी से संबंधित हो सकता है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल, और तकनीकी साक्ष्यों की भी जाँच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसे किस तरीके से निकाले गए और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
