
गांधीनगर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों के लिए आयोजित विशेष समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गांधीनगर में शनिवार को हुआ। यह तीन सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम, जो कि स्कूल ऑफ इंटीग्रेटेड कोस्टल एंड मैरीटाइम सिक्योरिटी स्टडीज और राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया था, में भारतीय तटरक्षक बल के 10 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए कोस्ट गार्ड रीजन (नॉर्थ-वेस्ट) के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल टी. सशी कुमार और आरआरयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिमल एन. पटेल उपस्थित रहे। प्रो. पटेल ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समुद्र को एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में समझने और मानव रहित समुद्री प्रणालियों, समुद्र स्तर में वृद्धि जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने इसे विकसित भारत के लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इंस्पेक्टर जनरल सशी कुमार ने वर्ष 2025 में भारतीय तटरक्षक बल और आरआरयू के बीच हुए समझौता ज्ञापन का उल्लेख करते हुए पूर्व में हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणामों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुसार खुद को तैयार रखने की प्रेरणा दी।
समापन समारोह में आरआरयू के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. कल्पेश वंद्रा और डीआईजी प्रशांत शर्मा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सफल अधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
एसआईसीएमएसएस के निदेशक (प्रभारी) अंकुर शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण में कक्षा शिक्षण, फील्ड ट्रेनिंग, मूट कोर्ट अभ्यास, महासागर नेविगेशन सिम्युलेटर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का शैक्षणिक भ्रमण शामिल था।
कार्यक्रम के अंत में जूनियर रिसर्च ऑफिसर जागृति सरस्वत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और आयोजन टीम के योगदान की सराहना की।
