
मुरैना, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि गुरु रविदास के जीवन, विचार और सामाजिक योगदान को स्मरण करने के लिए गुरु रविदास जयंती मनाई जाती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जाति अथवा सामाजिक स्थिति के किसी भी भेदभाव के बिना सभी मनुष्य समान हैं। संत रविदास के आध्यात्मिक भजन आज भी विश्वभर में लाखों लोगों को प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाजसेवा से राष्ट्र निर्माण करें।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने यह विचार शनिवार को मुरैना जिले के ग्राम इमलिया में संत रविदास जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम एवं अस्पृश्यता निवारण अवसर पर व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले संत रविदास भवन की आधारशिला रखी। साथ ही आसपास की ग्राम पंचायतों के लिए कुल एक करोड़ 27 लाख 50 हजार रुपये की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी कराया।
विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि मुरैना जनपद की ग्राम पंचायत इमलिया में कुल एक करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया जा रहा है। इनमें ग्राम पंचायत इमलिया में 50 लाख रुपये की लागत से संत रविदास भवन, ग्राम पंचायत जींगनी में 25 लाख रुपये की लागत से नवीन सामुदायिक भवन, ग्राम पंचायत मिरघान में 15 लाख रुपये की लागत से नवीन सामुदायिक भवन, ग्राम पंचायत मीरपुर में 25 लाख रुपये की लागत से नवीन सामुदायिक भवन, ग्राम पंचायत रामपुरगंज में 25 लाख रुपये की लागत से नवीन सामुदायिक भवन तथा ग्राम पंचायत गंजरामपुर में 37 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन अटल ग्राम सेवा केंद्र का भूमिपूजन शामिल है।
उन्होंने कहा कि ग्राम इमलिया में संत रविदास भवन की आधारशिला रखने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संत रविदास एक महान संत थे, जिनके नाम पर सागर में विशाल आश्रम स्थित है। उनके नाम से ग्राम इमलिया में भी भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। संत रविदास जी ने जाति-पाति, अंधविश्वास तथा अमीरी-गरीबी के भेदभाव को त्यागने की शिक्षा दी। उनके उपदेश और पद आज भी समाज को एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं। इस अवसर पर उन्होंने अस्पृश्यता निवारण शिविर में सभी के साथ बैठकर सहभोज भी किया।
सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा कि संत रविदास का संदेश था कि मन के मैल को दूर कर आपसी तालमेल और भाईचारे के साथ जीवन व्यतीत किया जाए। उनके पदचिन्हों पर चलकर समाजसेवा करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग संत रविदास के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।
