
नई दिल्ली, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कमोडिटी मार्केट में आज सिल्वर फ्यूचर्स में जोरदार गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सिल्वर फ्यूचर्स लगभग 15 प्रतिशत तक टूट गया। भारी गिरावट के कारण आज शाम 3:30 बजे तक इसकी कीमत 3,42,390 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई थी। इस बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों की रुचि सिल्वर फ्यूचर्स में फिर से बढ़ने लगी, जिससे इसकी कीमत में कुछ सुधार दिखाई देने लगा। शाम 5:30 बजे एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स 15,000 रुपये से अधिक की रिकवरी कर 10.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 3,57,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कल 29 जनवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुँचा था, लेकिन मुनाफा वसूली के कारण 3,99,893 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।
आज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स 3,83,646 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर खुला। कारोबार की शुरुआत के बाद इसकी कीमत में लगातार गिरावट आई। आज के कारोबार में दबाव के कारण सिल्वर फ्यूचर्स 29 जनवरी के सर्वोच्च स्तर से करीब 78,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गया था, हालांकि बाद में कुछ सुधार हुआ। बावजूद इसके, आज शाम 5:30 बजे सिल्वर फ्यूचर्स 29 जनवरी के उच्चतम स्तर से करीब 63,000 रुपये की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सिल्वर फ्यूचर्स की कीमत में गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत में आई जबरदस्त गिरावट रही है। कॉमेक्स पर आज स्पॉट सिल्वर 14.15 प्रतिशत टूटकर 98 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक आ गया। बताया जा रहा है कि डॉलर इंडेक्स में आई तेजी और आक्रामक मुनाफा वसूली के कारण चांदी के भाव में गहरी गिरावट आई है।
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट मयंक मोहन का कहना है कि चांदी के भाव में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार तेजी का रुख बना हुआ था। इसलिए पहले से ही आशंका जताई गई थी कि इस चमकीली धातु में मुनाफा वसूली होने की संभावना है। चांदी की तरह ही सोने के भाव में भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार तेजी का रुख बना हुआ था, जिससे ऑल टाइम हाई के नए रिकॉर्ड बन रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी मार्केट में एक सामान्य धारणा है कि जब जोरदार तेजी के माहौल में मुनाफा वसूली होती है, तो वह काफी बड़ा होता है। इसलिए एमसीएक्स पर या कॉमेक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स या स्पॉट सिल्वर की कीमत में आई बड़ी गिरावट को स्वाभाविक माना जा सकता है।
फिर भी, मयंक मोहन का यह भी कहना है कि सोना और चांदी जैसे दोनों चमकीली धातुओं के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, इन दोनों धातुओं की तेजी का एक बड़ा कारण जियो-पोलिटिकल टेंशन भी है। इसलिए आने वाले दिनों में इन दोनों धातुओं की कीमत में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहकर अपनी निवेश योजना बनानी चाहिए, क्योंकि सोना और चांदी दोनों की कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं। इसलिए बिना सोचे समझे निवेश करने से निवेशकों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
