Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

टोल प्लाजा पर वाहनों के दस्तावेजों की डिजिटल जांच, चालान काटने की प्रक्रिया शुरू

जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। केन्द्र सरकार ने वाहनों के बीमा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (पीयूसी) और फिटनेस की अवधि समाप्त होने की जांच के लिए टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने का कार्य प्रारंभ किया है। इस प्रणाली में जैसे ही फास्टैग का स्कैन किया जाता है, वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटली जांचा जाता है। यदि वाहन के दस्तावेज जैसे कि इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस में कोई कमी पाई जाती है, तो टोल प्लाजा से निकलते ही चालान कट जाता है।

पहले चरण में हाईवे के टोल प्लाजा पर यह प्रणाली लगाई गई है, इसके बाद स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर इसे लागू करने का कार्य शुरू किया जाएगा। इस तंत्र को सीधे परिवहन विभाग के सर्वर से जोड़ा गया है। अब राजमार्ग पर वाहन को कोई नहीं रोकेगा, लेकिन यदि गाड़ी का बीमा खत्म है, पीयूसी नहीं है या फिटनेस फेल है, तो टोल से गुजरते ही वाहन का चालान अपने आप कटेगा और मोबाइल पर संदेश भेजा जाएगा। इस जानकारी को परिवहन विभाग रायपुर के सहायक आयुक्त सीएल देवांगन ने साझा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, बस्तर जिले में लगभग आधा दर्जन कैमरे ग्रामीण क्षेत्रों में लगाये गये हैं, जो परिवहन विभाग से जुड़कर उस मार्ग में आने-जाने वाले वाहनों की डिटेक्शन कर रहे हैं। उड़नदस्ता प्रभारी निरीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि बोरपदर, राजनगर, छेपड़ागुड़ा एवं बकावंड में कैमरे लगाए गए हैं जो मुख्यालय से जुड़े हैं।

हालांकि, वाहन के सभी दस्तावेज जैसे प्रदूषण, बीमा और फिटनेस के बावजूद टोल प्लाजा पर लगे कैमरे जांच कर रहे हैं, और वाहन मालिकों को गलत ई-चालान प्राप्त होने की शिकायतें मिल रही हैं। 10 वाहन मालिकों ने जगदलपुर आरटीओ में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें सभी कागजात वैध होने के बावजूद ई-चालान कटने की समस्या सामने आई है, जिससे वाहन मालिकों में असंतोष है।

संयुक्त कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने बताया कि वाहन मालिकों की शिकायतों को परिवहन विभाग के मुख्यालय भेज दिया गया है और इसका निराकरण मुख्यालय से ही किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *