
बलरामपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। तातापानी महोत्सव, जो संक्रांति पर्व पर आयोजित होने जा रहा है, की तैयारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। तीन दिवसीय इस आयोजन की तैयारियाँ अब अंतिम रूप में पहुँच चुकी हैं। इसी संदर्भ में, सोमवार को सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने अधिकारियों के साथ मेला स्थल पर जाकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
14 जनवरी से शुरू होने वाले इस महोत्सव का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए सामरी विधायक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल और नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला स्थल का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेला परिसर, तपेश्वर महादेव मंदिर, सामूहिक विवाह आयोजन स्थल, विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जा रहे स्टॉल, मुख्य मंच तथा दर्शक दीर्घा की बैठक व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। इसी अवसर पर संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि सभी व्यवस्थाएँ तय समय-सीमा में पूरी होनी चाहिए और श्रद्धालुओं व आगंतुकों की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तातापानी महोत्सव जिले की पहचान से जुड़ा है, इसलिए साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, बिजली-पानी और चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। निरीक्षण के समय अधिकारियों ने संभावित भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा और नियंत्रण उपायों पर भी चर्चा की।
महोत्सव के पहले दिन, अर्थात 14 जनवरी को, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह संपन्न कराएंगे। इस मौके पर वह जिले में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी करेंगे, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ जाएगा।
तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव इस वर्ष विशेष आकर्षणों के साथ आयोजित किया जा रहा है। मेला स्थल और हवाई पट्टी क्षेत्र में पैरासेलिंग जैसी साहसिक गतिविधियाँ जोड़ी गई हैं, जो युवाओं और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होंगी। सांस्कृतिक संध्याओं में स्कूल के छात्रों, स्थानीय कलाकारों और आमंत्रित कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियों की भी व्यवस्था की गई है।
प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष का तातापानी महोत्सव भव्यता, सुरक्षा और व्यवस्थाओं के संदर्भ में अब तक का सबसे बेहतर आयोजन होगा, जिसके लिए सभी स्तरों पर निगरानी और समन्वय रखा जा रहा है।
