Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

आधुनिक चिकित्सा से सांवरा जनजाति को स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा में लाने की प्रेरक पहल

मुंगेली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)।
लेखक: LN Star News

मुंगेली जिले के दाऊकापा में एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 142 सांवरा समुदाय के लोग शामिल हुए। यह शिविर आधुनिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से सांवरा जनजाति को स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है।

कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में समुदाय के महिला-पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण में उच्च रक्तचाप के 12, मोतियाबिंद के 11, दाद-खाज-खुजली के 27, सर्दी-खांसी के 17, बॉडी पेन के 14, मधुमेह के 6, कमजोरी के 13, कान संक्रमण के 6, और कुपोषण के 2 मरीज पाए गए। सामान्य रोगियों का मौके पर इलाज किया गया, वहीं गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल में इलाज की सलाह दी गई।

डॉ. मनीष बंजारा ने बताया कि यह शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से समुदाय को स्वास्थ्य, टीकाकरण, और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। इस शिविर की विशेषता यह रही कि परामर्श स्थानीय भाषा और संवेदनशील संवाद के माध्यम से दिया गया, जिससे लोग बिना डर और झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सके। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की जांच, और मौसमी बीमारियों के बारे में जानकारी साझा की गई, साथ ही निशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

इस कार्यक्रम के दौरान समुदाय को टोना-टोटका और झाड़-फूंक से इलाज न कराने, तथा सर्पदंश जैसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर में चिकित्सकगण, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य कर्मचारी, और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ज्ञातव्य है कि नट एवं सांवरा जाति के लोग परंपरागत घरेलू उपचार पर अधिक निर्भर रहते हैं, जिससे गंभीर बीमारियों में समय पर इलाज न मिलने से जान का खतरा बढ़ जाता है। सर्पदंश, तेज बुखार, संक्रमण, हृदयघात, और ब्रेन स्ट्रोक जैसी परिस्थितियों में इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *