
नई दिल्ली, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)।
लेखक: LN Star News
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निशाना साधा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में कोई जांच क्यों नहीं होने देती हैं? उन्हें इतनी घबराहट क्यों है? उन्होंने ममता बनर्जी पर ईडी के अधिकारियों को धमकाने का भी आरोप लगाया।
भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आजाद भारत के पश्चिम बंगाल में जो हुआ, वह आज तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि एक प्राइवेट प्रॉपर्टी में, जहां ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग पर कार्रवाई चल रही थी, वहां एक मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जाना, ईडी के लोगों को धमकाना और पेपर छीनकर चले जाना अत्यंत गंभीर है।
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ईडी कोयले की स्मगलिंग और हवाला ट्रांजैक्शन को लेकर कार्रवाई कर रही है, जिसके तहत कई जगह छापेमारी हुई। उन्होंने कहा कि प्रतीक जैन की कंसल्टेंसी फर्म को लेकर शिकायत आई थी कि यहां से करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। यह बात भाजपा नहीं कह रही, बल्कि ईडी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है, जो उनकी वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल कोयले की स्मगलिंग का एक बहुत बड़ा हॉट स्पॉट है, जिसमें सत्ताधारी दल के लोग भी शामिल हैं। रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि यह छापेमारी न तो ममता बनर्जी के घर पर थी, न उनके दफ्तर में, न ही टीएमसी के दफ्तर में और न ही टीएमसी के किसी नेता या मंत्री के घर पर थी। यह छापेमारी एक प्राइवेट कंसल्टेंसी फर्म पर की गई थी, जिसके यहां करोड़ों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत आई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का वहां जाना, उनके पुलिस अधिकारियों का ईडी के लोगों को धमकाना, ममता बनर्जी का उनसे बहस करना और पेपर छीन कर चले जाना आपत्तिजनक है।
रविशंकर प्रसाद ने ममता बनर्जी के इस आचरण को न केवल अमर्यादित, असंवैधानिक और शर्मनाक बताया, बल्कि उन्होंने कहा कि इससे संवैधानिक मर्यादाओं को भी तार-तार किया गया है। उन्होंने ममता बनर्जी से सीधे सवाल किया, “आपको इतनी घबराहट क्यों है? ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता हैं, 14 साल से मुख्यमंत्री हैं, केंद्रीय मंत्री भी रह चुकी हैं और शासन-प्रशासन (गर्वनेंस) की समझ रखती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर ममता बनर्जी ने सारे नियमों, कानूनों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करके वहां जाना जरूरी समझा, तो निश्चित रूप से वहां कुछ ऐसा संदिग्ध था जिसे निकालना अत्यंत आवश्यक था। रविशंकर प्रसाद ने पूछा, “क्या ममता बनर्जी ने यह कॉन्ट्रैक्ट लिया हुआ है कि बंगाल में कोई जांच नहीं होने देंगी? बंगाल के भ्रष्टाचार में किसी भी सीबीआई और ईडी की जांच नहीं होने देंगी, क्योंकि हर जगह उनके सिस्टम के पांव फैले हुए हैं।” भाजपा इस आचरण की कड़ी भर्त्सना करती है।
