नारी शक्ति का सवश्रेष्ठ उदहारण है करवा चौथ
करवा चौथ (10 अक्टूबर) पर विशेष
रमेश सर्राफ धमोरा
करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है। सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक पत्नियाँ अपने पति की सलामती के लिए व्रत रखती हैं। पूरे दिन बिना पानी पिए और कुछ भी खाए व्रत रखना आसान नहीं है, लेकिन स्नेही पत्नियाँ अपने पति के प्रति पूरे प्रेम और सम्मान के साथ ये सभी रस्में निभाती हैं। यह त्याेहार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। करवा चौथ का व्रत हर साल महिलाओं द्वारा अपने पतियों के लिए किया जाता है और यह न केवल त्याेहार है बल्कि यह पति-पत्नी के पवित्र रिश्तों का पर्व है। कहने को तो करवा चौथ का त्याेहार एक व्रत है लेकिन यह नारी शक्ति और उसकी क्षमताओं का सवश्रेष्ठ उदहारण है। क्योंकि नारी अपने दृढ़ संकल्प से यमराज से भी अपने पति के प्राण ले आती हैं तो फिर वह क्या नहीं कर सकती हैं। आज के नये जमाने में...









