आईएमए का प्रधानमंत्री को पत्र, सुप्रीम कोर्ट के मासिक धर्म फैसले का किया स्वागत
नई दिल्ली, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए इसे बालिकाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और शिक्षा के अधिकार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है।
सुप्रीम कोर्ट ने मासिक धर्म स्वास्थ्य को संविधान के तहत मौलिक अधिकार मानते हुए कहा कि यह अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और निजता के अधिकार का हिस्सा है। अदालत ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे लड़कियों के लिए मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड और पर्याप्त स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
आईएमए ने शनिवार को प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर इस फैसले का स्वागत किया और अनुरोध किया कि इसे देश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में तुरंत और सख्ती से लागू किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों और केंद्र ...
