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हाईकोर्ट ने जाली दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले टीचरों की जांच का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने जाली दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले टीचरों की जांच का आदेश दिया

कानून
प्रयागराज, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश में उत्तर प्रदेश में कई असिस्टेंट टीचरों द्वारा जाली और मनगढ़ंत सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी पाने के 'परेशान करने वाले' पैटर्न पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को पूरे राज्य में उनकी व्यापक जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी, बेसिक शिक्षा को यह काम यथासंभव छह महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि न केवल अवैध नियुक्तियों को रद्द किया जाए, बल्कि सैलरी भी रिकवर की जाए और मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जस्टिस मंजू रानी चौहान ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा कई सर्कुलर और निर्देश जारी करने के बावजूद, शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ज़िम्मेदार अधिकारी ऐसी अवैध नियुक्तियों क...
सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

कानून
प्रयागराज, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए रखने के बाद यदि रिश्ता टूटता है, तो इससे उत्पन्न निराशा पर धोखे और छल से संबंध बनाने का आरोप लगाना दंडनीय अपराध नहीं होता। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 केवल उन संबंधों को दंडित करती है जो धोखे या छल से बने हों, न कि आपसी सहमति से बने रिश्तों के टूटने से होने वाली निराशा को। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक चले सहमति आधारित संबंध को बाद में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने झूठे वादे से संबंध बनाने की धारा 69 के तहत दर्ज अपराध को रद्द कर दिया, हालांकि अन्य धाराओं में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना जारी रखने का आदेश दिया है। पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक याचियों की गिरफ्तारी पर रोक भी लगाई गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े मामले में केंद्र की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े मामले में केंद्र की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

कानून
नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही को निरस्त करने के केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की अध्यक्षता वाली बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखने का आदेश दिया। कैट ने 19 जनवरी को अपने आदेश में समीर वानखेड़े के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को निरस्त कर दिया था। कैट ने कहा था कि समीर वानखेड़े के खिलाफ बिना प्रक्रियाओं का पालन किए ही अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई थी। कैट ने कहा था कि 18 अगस्त, 2025 को समीर वानखेड़े के खिलाफ जारी आरोप पत्र प्रक्रियाओं का दुरुपयोग है। कैट ने कहा कि आरोप पत्र में जो तथ्य पेश किए गए हैं वो विभागीय अनु...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात पर अवैध पटाखों पर की सख्ती

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात पर अवैध पटाखों पर की सख्ती

कानून
कोलकाता, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शब-ए-बारात के अवसर पर अवैध और पर्यावरण के लिए हानिकारक पटाखों के इस्तेमाल पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस प्रशासन को आदेश दिया है कि ऐसे किसी भी पटाखे के उपयोग की अनुमति न दी जाए, जो नियमों के खिलाफ हों। मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि रात दस बजे से सुबह छह बजे तक किसी भी तरह के पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। पीठ ने कहा कि शब-ए-बारात के दौरान केवल वही पटाखे इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो नियमों के तहत अनुमत हों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाते हों। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस विभाग की जिम्मेदारी होगी कि वह याचिकाकर्ता और उनके परिवार को त्योहार के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराए। न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन भी इस खंडपीठ में शामिल थे। अदालत ने प्रदूषण न...
कमलनाथ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर उठाए सवाल, कहा- “पूर्व सरकारी वकीलों से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे करें?”

कमलनाथ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर उठाए सवाल, कहा- “पूर्व सरकारी वकीलों से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे करें?”

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हाल ही में हुई न्यायाधीश नियुक्तियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में न्यायपालिका अंतिम उम्मीद की संस्था होती है, लेकिन जब अदालत में पूर्व सरकारी वकीलों की बड़ी संख्या होती है, तो आम नागरिकों के मन में निष्पक्षता को लेकर स्वाभाविक संदेह उत्पन्न होता है। कमलनाथ ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि लोकतंत्र में न्यायपालिका वह संस्था मानी जाती है, जहाँ सत्ता के अत्याचार के खिलाफ अंतिम उम्मीद होती है। आम नागरिक विश्वास करता है कि अदालतें सरकार से ऊपर उठकर, बिना किसी दबाव या झुकाव के, केवल संविधान और न्याय के आधार पर फैसले देंगी। लेकिन जब न्यायपालिका की संरचना सत्ता के पूर्व पैरोकारों से भरी नजर आती है, तो यह विश्वास संकट में पड़ जाता है। ...
इंदौर में दूषित पानी से 24वीं मौत, स्वास्थ्य संकट गहराया

इंदौर में दूषित पानी से 24वीं मौत, स्वास्थ्य संकट गहराया

राष्ट्रीय
इंदौर, 16 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक 24 लोगों की मौत दूषित पानी के कारण हो चुकी है। हाल ही में एक 78 वर्षीय महिला, सुभद्राबाई, की गुरुवार को अस्पताल में मृत्यु हो गई, जो कि 26 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़ी थीं। उनके परिवार का कहना है कि सुभद्राबाई को कोई पूर्व स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। दूषित पानी से ऊभड़ते मामलों के चलते स्वास्थ्य विभाग ने पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच और उपचार शिविरों का आयोजन किया है, जिसमें 715 घरों का सर्वे किया गया और 2087 नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। इस दौरान 6 नए डायरिया के मरीज भी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इंदौर में इस स्थिति को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में भी सुनवाई हुई, जिसमें शासन ने अदालत को बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और मृतकों का इलाज ...
छग: राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया 16 जनवरी तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर

छग: राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया 16 जनवरी तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आज राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईओडब्ल्यू ने रायपुर की विशेष अदालत में सौम्या के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट का आवेदन किया था। जिसके बाद आज उनकी गिरफ्तारी की गई है। सौम्या चौरसिया अब 16 जनवरी तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर रहेंगी, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू की ओर से गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सौम्या ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इस पर 8 जनवरी को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। बीते दिन 15 जनवरी को शासन द्वारा पक्ष रखने के बाद बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सौम्या चौरसिया की अ...