
रायपुर, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आज राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईओडब्ल्यू ने रायपुर की विशेष अदालत में सौम्या के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट का आवेदन किया था। जिसके बाद आज उनकी गिरफ्तारी की गई है। सौम्या चौरसिया अब 16 जनवरी तक ईओडब्ल्यू की रिमांड पर रहेंगी, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू की ओर से गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सौम्या ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इस पर 8 जनवरी को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने अपना पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। बीते दिन 15 जनवरी को शासन द्वारा पक्ष रखने के बाद बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाला एक हाई-प्रोफाइल भ्रष्टाचार का मामला है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य की आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। यह घोटाला मुख्य रूप से 2019 से 2022 के बीच का बताया जाता है, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी के अनुसार, डिजिटल सबूत यह दर्शाते हैं कि सौम्या चौरसिया इस पूरे शराब घोटाले में मुख्य समन्वयक की भूमिका में थीं। वे शराब सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों अनिल टुटेजा, चैतन्य बघेल के बीच बिचौलिया बनकर अवैध धन के सृजन और उसके मनी लांड्रिंग में अहम भूमिका निभा रही थीं।
ईडी और जांच एजेंसियों के अनुसार, यह घोटाला लगभग ₹3,200 करोड़ का है। आरोप है कि सरकारी राजस्व को अवैध कमीशन, नकली होलोग्राम और शराब बनाने वाली कंपनियों को लाइसेंस देने और व्यापार जारी रखने के बदले मोटी रकम की घूस लेकर निजी लाभ कमा आरोपितों ने नुकसान पहुँचाया। आरोपितों में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा सहित वरिष्ठ अधिकारियों तक के नाम शामिल हैं।
