कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली
By: प्रयाग पाण्डे
कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली
प्रयाग पाण्डे
हिमालय की गोद में बसा कुमाऊं अंचल न केवल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, सुदीर्घ और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए भी विख्यात है, बल्कि यहां मनाई जाने वाली होली का भी अंदाज निराला है। यही वजह है कि कुमाउंनी होली की विशिष्ट पहचान है। अपना अनोखा रंग है। यहां की होली तन को ही नहीं रंगती, मन को भी उमंग से लबालब भर देती है। कुमाऊं की होली में आंचलिक विशिष्टता है। अनूठा सौंदर्य बोध है। रंग, राग और रागनियों का अदभुत समावेश है। ऋतुराज वसंत को यौवन का सूचक माना जाता है। वसंत ऋतु के आते ही समूची प्रकृति का यौवन एकाएक खिल उठता है। प्रकृति रंग -बिरंगी हो जाती है। विशिष्ट सुगंध और रंग लिए फूल खिलने लगते हैं। देश के अलग - अलग ्सों में लोग अपने -अपने अंदाज में वसंतोत्सव के रंग के आगोश में डूब जाते हैं। भारत के कोने -कोने में राग -रं...



