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Tag: सांस्कृतिक

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

लेख
By: प्रयाग पाण्डे कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली प्रयाग पाण्डे हिमालय की गोद में बसा कुमाऊं अंचल न केवल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, सुदीर्घ और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए भी विख्यात है, बल्कि यहां मनाई जाने वाली होली का भी अंदाज निराला है। यही वजह है कि कुमाउंनी होली की विशिष्ट पहचान है। अपना अनोखा रंग है। यहां की होली तन को ही नहीं रंगती, मन को भी उमंग से लबालब भर देती है। कुमाऊं की होली में आंचलिक विशिष्टता है। अनूठा सौंदर्य बोध है। रंग, राग और रागनियों का अदभुत समावेश है। ऋतुराज वसंत को यौवन का सूचक माना जाता है। वसंत ऋतु के आते ही समूची प्रकृति का यौवन एकाएक खिल उठता है। प्रकृति रंग -बिरंगी हो जाती है। विशिष्ट सुगंध और रंग लिए फूल खिलने लगते हैं। देश के अलग - अलग ्सों में लोग अपने -अपने अंदाज में वसंतोत्सव के रंग के आगोश में डूब जाते हैं। भारत के कोने -कोने में राग -रं...
रायपुर साहित्य उत्सव में बस्तर के 27 साहित्यकारों की भागीदारी

रायपुर साहित्य उत्सव में बस्तर के 27 साहित्यकारों की भागीदारी

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को नई ऊर्जा देने तथा देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों, कलाकारों और पाठकों को एक मंच देने के उद्देश्य से 23, 24 और 25 जनवरी को रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में बस्तर जिले के लगभग 27 साहित्यकार इस साहित्य उत्सव में भाग लेने के लिए अपना पंजियन करवाया है। जगदलपुर के वरिष्ठ साहित्यकार रुद्रनारायण पाणिग्रही ने बताया कि रायपुर साहित्य उत्सव का केंद्रीय विचार आदि से अनादि तक है, जो भारत की साहित्यिक परंपरा की निरंतरता और विकास को रेखांकित करता है। यह आयोजन अटल नगर नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित किया जाएगा। जहां छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचा...
धमतरी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया मकर संक्रांति उत्सव

धमतरी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया मकर संक्रांति उत्सव

छत्तीसगढ़, राज्य
धमतरी, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। जय जगत जननी रिसाईमाता प्रभात शाखा, पोस्ट ऑफिस बस्ती धमतरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह उत्सवों में से वर्ष के अंतिम उत्सव मकर संक्रांति का आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता **डी.पी. सिन्हा** ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मकर संक्रांति के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता **सुरेन्द्र पुरी गोस्वामी** रहे। उन्होंने तार्किक और प्रेरणादायी ढंग से बताया कि मकर संक्रांति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा अपने छह प्रमुख उत्सवों में शामिल किए जाने के पीछे गहरा भावार्थ है। यह पर्व सूर्य देव से संबंधित है। जिस प्रकार सूर्य बिना विश्राम के निरंतर अपने कर्तव्य का पालन करते हुए संपूर्ण ब्रह्मांड को ऊर्जा और प्रकाश प्रदान करते हैं, उसी प्रकार...
मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

लेख
मृत्युंजय दीक्षित मकर संक्रांति के मौके पर जब सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह पर्व मनाया जाता है। यह पर्व सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, श्रद्धा, तर्पण आदि विधियों का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन उड़द, चावल, तिल, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान किया जाता है, और गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस पर्व से संबंधित पौराणिक कथाएं भी हैं, जैसे भगवान भास्कर का अपने पुत्र शनिदेव से मिलने जाना और महाभारत के समय भीष्म पितामह का इसी दिन देह त्याग करना। इस दिन गंगाजी ने भगीरथ के साथ कपिल मुनि के आश्रम से सागर में जाकर मिलने का कार्य किया था। इसके अलावा, भगवान विष्णु ने इस दिन असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी, इसलिए इसे सकारात्मक...