
धमतरी, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। जय जगत जननी रिसाईमाता प्रभात शाखा, पोस्ट ऑफिस बस्ती धमतरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह उत्सवों में से वर्ष के अंतिम उत्सव मकर संक्रांति का आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता **डी.पी. सिन्हा** ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मकर संक्रांति के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता **सुरेन्द्र पुरी गोस्वामी** रहे। उन्होंने तार्किक और प्रेरणादायी ढंग से बताया कि मकर संक्रांति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा अपने छह प्रमुख उत्सवों में शामिल किए जाने के पीछे गहरा भावार्थ है। यह पर्व सूर्य देव से संबंधित है। जिस प्रकार सूर्य बिना विश्राम के निरंतर अपने कर्तव्य का पालन करते हुए संपूर्ण ब्रह्मांड को ऊर्जा और प्रकाश प्रदान करते हैं, उसी प्रकार संघ के स्वयंसेवक भी लगभग सौ वर्षों से निरंतर राष्ट्रसेवा में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। यह उत्सव स्वयंसेवकों को कर्तव्यनिष्ठा, तपस्या और राष्ट्रभक्ति का संदेश देता है। विशिष्ट अतिथि **डॉ. के. एस. शांडिल्य** ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति में पर्वों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र निर्माण में संघ द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण एवं ध्वज प्रणाम के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी स्वयंसेवकों ने **सूर्य देव** को जल अर्पित कर अर्घ्य प्रदान किया। सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों के अंतर्गत गीत **अमरदीप महाजन**, **सुभाषित विजय सिंह ठाकुर** तथा **अमृत वचन मुकेश साहू** एवं **पीयूष शर्मा** द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिससे वातावरण प्रेरणामय हो गया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य शिक्षक **सागर निर्मलकर** ने किया तथा आभार प्रदर्शन शाखा कार्यवाह **वेद प्रकाश भोंसले** ने किया।
इस अवसर पर **डॉ. दानी राम सिन्हा**, **योगेन्द्र यादव**, **संतोष वर्मा**, **महेन्द्र निर्मलकर**, **चंद्रभान निर्मलकर**, **विशाल चंद्राकर**, **हरीश चौबे**, **सुरेश गुप्ता**, **प्रवीण शर्मा**, **मिलिंद कुलकर्णी**, **कुलेश्वर कोसरिया**, **कुन्दन सिंह ध्रुवंशी**, **देवेन्द्र ध्रुवंशी**, **ओजस साहू**, **काव्यांश निर्मलकर**, **दिव्यांश निर्मलकर**, **डेमू साहू**, **कमलेश देवांगन** सहित अनेक ज्येष्ठ एवं श्रेष्ठ स्वयंसेवक उपस्थित रहे। समारोह राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
