भोपाल में मातृभाषा समारोह: भारतीय सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत उत्सव
भोपाल, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मप्र के भोपाल में मातृभाषा मंच द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मातृभाषा समारोह के दूसरे दिन शनिवार को भव्य सांस्कृतिक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें देश की विविध भाषाओं और लोक कलाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रकवि दिनकर की ओजस्वी कविता के पाठ से हुआ, जिसने हिंदी भाषा के प्रति श्रद्धा जगाई। इस प्रस्तुति में लगभग 20 कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में देश की एकता को बनाए रखने वाली विभिन्न भाषाओं और उनकी सांस्कृतिक धरोहर को मंच पर उकेरा गया। तेलुगु में भरतनाट्यम, मराठी में 'आई साहेब' गीत, मलयालम में 'रिदम ऑफ केरला', गढ़वाली में तांडव नृत्य, उड़िया में संबलपुरी नृत्य, गुजराती में गरबा और पंजाबी में भांगड़ा और गिद्धा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
पंजाबी भाषा की प्रस्तुति में एक ही परिवार के तीन पीढ़ियों–दादी, बह...

