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ग्रीनलैंड का अमेरिका को कड़ा संदेश : किसी भी हाल में नियंत्रण स्वीकार नहीं, नाटो के तहत होगी रक्षा

ग्रीनलैंड का अमेरिका को कड़ा संदेश : किसी भी हाल में नियंत्रण स्वीकार नहीं, नाटो के तहत होगी रक्षा

अंतरराष्ट्रीय
ग्रीनलैंड, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। ग्रीनलैंड की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया वक्तव्यों पर कड़ा प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उसे किसी भी परिस्थिति में ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की इच्छा स्वीकार नहीं है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रीनलैंड न बिकने वाला है और न ही किसी अन्य देश के अधीन किया जाएगा। सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और डेनिश कॉमनवेल्थ होने के कारण वह नाटो (NATO) का सदस्य है। इस स्थिति में ग्रीनलैंड की सुरक्षा एवं रक्षा नीतियां नाटो के ढांचे के भीतर ही बनाई और लागू की जाएंगी। बयान में उल्लेख किया गया कि हाल ही में नाटो के छह सदस्य देशों से ग्रीनलैंड के समर्थन में सकारात्मक संदेश मिल चुका है, जिसके बाद ग्रीनलैंड सरकार अब अपनी रक्षा को नाटो के अंतर्गत और अधिक मजबूत करने के प्रयास तेज करेगी...
(संशोधित) पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन विफल, तीसरे चरण में गड़बड़ी से ‘अन्वेषा’ उपग्रह कक्षा में नहीं पहुंच सका

(संशोधित) पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन विफल, तीसरे चरण में गड़बड़ी से ‘अन्वेषा’ उपग्रह कक्षा में नहीं पहुंच सका

राष्ट्रीय
श्रीहरिकोटा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन रविवार को तकनीकी खामी के कारण विफल घोषित कर दिया गया। इस मिशन के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित अत्यंत गोपनीय हाइपरस्पेक्ट्रल निगरानी उपग्रह ‘अन्वेषा’ का प्रक्षेपण किया गया था, लेकिन रॉकेट के तीसरे चरण (पीएस3) के अंत में आई गड़बड़ी के कारण उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। इसरो के अनुसार, मिशन के दौरान पीएसएलवी रॉकेट का उड़ान क्रम सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा था, लेकिन तीसरे स्टेज के अंत में रॉकेट मार्ग से भटक गया, जिससे पेलोड को अपेक्षित कक्षा में इंजेक्ट नहीं किया जा सका। इसके बाद इसरो ने मिशन को विफल घोषित करते हुए विस्तृत तकनीकी विश्लेषण शुरू कर दिया है। दरअसल, इसरो का यह 64वां पीएसएलवी मिशन (पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1) आंध्र प्रदेश ...
मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ने फ्लाइट टेस्ट में लक्ष्य पर किया सटीक हमला

मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल ने फ्लाइट टेस्ट में लक्ष्य पर किया सटीक हमला

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय सेना के लिए तीसरी पीढ़ी की मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (एमपीएटीजीएम) ने हाल ही में उड़ान परीक्षण में अपनी प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। इस परीक्षण का उद्देश्य एक डमी टैंक को लक्ष्य बनाना था, जिसे मिसाइल ने पूरी सटीकता के साथ नष्ट कर दिया। इस सफलता ने भारतीय सेना के लिए स्वदेश में विकसित एक पोर्टेबल गाइडेड मिसाइल प्रणाली हासिल करने का मार्ग प्रशस्त किया है। डीआरडीओ की हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला ने महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में स्थित केके रेंज में यह परीक्षण किया। इस मिसाइल में अत्याधुनिक तकनीक जैसे इमेजिंग इंफ्रारेड होमिंग सीकर, ऑल इलेक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम और टैंडम वारहेड जैसी विशेषताएँ शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न डीआरडीओ के सहयोगी संस्थानों द्वारा विकसित किया गया है। डीआरडीओ की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया सिस्टम ...