किसानों ने कहा: धान खरीद में दोहरी नीति क्यों
धमतरी, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राज्य सरकार द्वारा 12 नवंबर 2025 से धान खरीद प्रारंभ की गई, लेकिन 12 जनवरी 2026 से पहले जिन पंजीकृत किसानों ने समितियों में अपना धान विक्रय कर दिया, उनके घर, ब्यारा अथवा खेत-खलिहान में किसी प्रकार की जांच नहीं की गई। ऐसे में अब अचानक जांच शुरू किया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। आज भी सैकड़ों किसान टोकन कटने का इंतजार कर रहे हैं और अनेक किसानों को अब तक टोकन जारी नहीं हुआ है। इससे किसान असमंजस और भय की स्थिति में जी रहे हैं।
खेती बचाव आंदोलन समिति के संस्थापक एवं अधिवक्ता **शत्रुहन सिंह साहू** ने कुरूद प्रवास के दौरान कहा कि खरीद के अंतिम समय में जांच-पड़ताल कराना किसानों में अनावश्यक डर और भ्रम फैलाने जैसा है। यदि धान खरीद प्रक्रिया में कोई खामी है तो उसकी जिम्मेदारी किसानों पर क्यों डाली जा रही है। यदि पहले धान बेचने वाले किसान सही और बाद म...
