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Tag: फसल

मध्य प्रदेश में तीन दिन तक मावठे की संभावना, 25 जिलों में अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में तीन दिन तक मावठे की संभावना, 25 जिलों में अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। आज सोमवार को ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग सहित कुल 25 जिलों में बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई इलाकों में सुबह के समय कोहरे का असर भी देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, 2 और 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसी कारण 10 फरवरी तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। बीते रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ा रहा। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। सोमवार को जिन जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा...
अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना

अंबिकापुर: धान खरीद व्यवस्था मनोरमा पाठक ने की व्यवस्था की खुलकर सराहना

छत्तीसगढ़, राज्य
अंबिकापुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। सरगुजा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में लागू पारदर्शी और किसान-हितैषी व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिली है। सुव्यवस्थित प्रबंधन के फलस्वरूप धान बेचने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सरल, सुगम और त्वरित हो गई है। अंबिकापुर की किसान मनोरमा पाठक ने धान खरीद व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के हित में एक सकारात्मक बदलाव बताया। मनोरमा पाठक ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि ग्राम सोहगा में उनकी लगभग पांच एकड़ 20 डिसमिल जमीन में खेती है। इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण उनकी फसल का कुछ हिस्सा प्रभावित हुआ, जिससे वे केवल 22 क्विंटल धान ही विक्रय के लिए उपलब्ध कर पाईं। इसके बावजूद, धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से टोकन कटवाने से लेकर विक्रय तक की प्रक्रिया बेहद सरल और परेशानी-मुक्त रही। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने की प्रक्रिया सुचारू थी ...
अनूपपुर: धनगवां के जंगल में डेरा जमाया तीन हाथी, रात में अचानक आ जाने का बना रहता डर

अनूपपुर: धनगवां के जंगल में डेरा जमाया तीन हाथी, रात में अचानक आ जाने का बना रहता डर

मध्य प्रदेश, राज्य
अनूपपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में तीन हाथियों का समूह पिछले एक महीने से लगातार जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में डेरा जमाए हुए है। ये हाथी देर रात अचानक जंगल से लगे गांवों में पहुंचकर किसानों के खेतों और घरों में घुस जाते हैं, जिससे आसपास के लोग हमेशा डर और सहम के साए में जीते हैं। रविवार-सोमवार की रात को इन हाथियों ने ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव की गोढाटोला में दिनेश राठौर, विकास राठौर और कन्हैया राठौर के खेतों में तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, भलुवान टोला में छंगू सिंह के घर में भी तोड़फोड़ की। तीन हाथियों के समूह में एक छोटा हाथी भी शामिल है, जो झंडीटोला जंगल से अकेला निकलकर चोई गांव में विकास राठौर के खेत में लगे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद जंगल की ओर लौट गया। सोमवार को सभी तीन हाथी धनगवां बीट के तुर्का डोंगरी जंगल में लौट आए...
मकर संक्रांति त्योहार के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत

मकर संक्रांति त्योहार के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत

लेख
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल। हर साल 14 जनवरी को मनाए जाने वाले मकर संक्रांति के त्योहार का महत्व भारतीय सौर कैलेंडर के अनुसार है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में खगोलीय घटनाओं और कृषि चक्रों से जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत देती है, जो सर्दियों के अंत और फसलों की कटाई की शुरुआत का प्रतीक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन को विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि उत्तरी भारत में लोहड़ी, असम में भोगली बिहू, और दक्षिण भारत में पोंगल। इस दिन तिल और गुड़ से बने लड्डू का विशेष महत्व है, जो सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस उत्सव को सामाजिक समरसता और छुआछूत के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाता है, और आधुनिक परिवेश में पर्यावरण की रक्षा के लिए बायोडिग्रेडेबल पतंग उड़ाने जैसी प्रथाओं को अपनाता है। मकर संक्रांति न...
बलरामपुर में कड़ाके की ठंड, महावीरगंज–विजयनगर में तापमान 4 डिग्री तक गिरा

बलरामपुर में कड़ाके की ठंड, महावीरगंज–विजयनगर में तापमान 4 डिग्री तक गिरा

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शीतलहर ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत महावीरगंज और विजयनगर ग्राम पंचायत में बीती रात न्यूनतम तापमान गिरकर चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे पूरा इलाका ठिठुर उठा। कड़ाके की ठंड के चलते देर रात और तड़के सुबह खेतों में फसलों के ऊपर बर्फ की चादर जमी हुई नजर आई। वहीं, घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशों पर भी बर्फ की परत साफ दिखाई दी। अचानक बढ़ी ठंड से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, जिससे शीतलहर का प्रभाव और तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से आवश्यक सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।...