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Tag: पर्व

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली

लेख
By: प्रयाग पाण्डे कुमाऊं में सांस्कृतिक लोक उत्सव है होली प्रयाग पाण्डे हिमालय की गोद में बसा कुमाऊं अंचल न केवल अपने नैसर्गिक सौंदर्य, सुदीर्घ और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के लिए भी विख्यात है, बल्कि यहां मनाई जाने वाली होली का भी अंदाज निराला है। यही वजह है कि कुमाउंनी होली की विशिष्ट पहचान है। अपना अनोखा रंग है। यहां की होली तन को ही नहीं रंगती, मन को भी उमंग से लबालब भर देती है। कुमाऊं की होली में आंचलिक विशिष्टता है। अनूठा सौंदर्य बोध है। रंग, राग और रागनियों का अदभुत समावेश है। ऋतुराज वसंत को यौवन का सूचक माना जाता है। वसंत ऋतु के आते ही समूची प्रकृति का यौवन एकाएक खिल उठता है। प्रकृति रंग -बिरंगी हो जाती है। विशिष्ट सुगंध और रंग लिए फूल खिलने लगते हैं। देश के अलग - अलग ्सों में लोग अपने -अपने अंदाज में वसंतोत्सव के रंग के आगोश में डूब जाते हैं। भारत के कोने -कोने में राग -रं...
राजिम कुंभ (कल्प): श्रद्धालुओं के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल का आमंत्रण

राजिम कुंभ (कल्प): श्रद्धालुओं के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल का आमंत्रण

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ की पावन धरती एक बार फिर आस्था और अध्यात्म के महासंगम का साक्षी बनने जा रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों सहित देशभर के श्रद्धालुओं को राजिम कुंभ (कल्प) में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के साथ राजिम पहुँचकर इस दिव्य महापर्व के साक्षी बनें। यह दिव्य एवं भव्य आयोजन एक फरवरी से 15 फरवरी (माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि) तक आयोजित होगा। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर स्थित राजिम, छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है, जिसे “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” भी कहा जाता है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यहाँ संतों, महात्माओं, नागा सन्यासियों और लाखों श्रद्धालुओं का आगमन ...
मकर संक्रांति: सुबह 10 बजे तक संगम में 36 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

मकर संक्रांति: सुबह 10 बजे तक संगम में 36 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

ब्रेकिंग न्यूज़
प्रयागराज, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज **माघ मेला** के द्वितीय स्नान पर्व **मकर संक्रांति** को सुबह **दस बजे** तक **36 लाख** श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी।
मकर संक्रांति पर भगवान को तिल-लड्डू का भोग, परिवार की खुशहाली की कामना

मकर संक्रांति पर भगवान को तिल-लड्डू का भोग, परिवार की खुशहाली की कामना

छत्तीसगढ़, राज्य
धमतरी, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति का पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक-दूसरे को तिल-गुड़ देने की परंपरा निभाई गई, जिसमें मान्यता है कि तिल-गुड़ का दान करने से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। मकर संक्रांति के अवसर पर हर घर में आराध्य देव को तिल-गुड़ एवं तिल-लड्डू का भोग लगाया गया। पूजा-अर्चना के बाद परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की गई। इस पावन दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना विशेष पुण्यकारी माना जाता है। घर-घर में तिल और गुड़ से बने विभिन्न पकवान तैयार किए गए, जिन्हें परिजनों और अतिथियों को परोसा गया। पर्व के अवसर पर अनेक श्रद्धालु अलसुबह महानदी पहुंचकर स्नान-ध्यान करते नजर आए। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य का क्रम चलता रहा। मालूम हो कि मकर संक्राति जिसे उत्तर भारत में लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्राति के पूर्व र...
अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह व अन्य ने मकर संक्रांति पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह व अन्य ने मकर संक्रांति पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी हैं। शुभकामनाएं देने वालों में विपक्षी नेता और कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में कहा कि ऊर्जा, उमंग और उत्साह के पर्व मकर संक्रांति की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व सभी के जीवन में असीम खुशियाँ और समृद्धि लेकर आए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मकर संक्रांति का यह पावन पर्व सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि लेकर आए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मकर संक्रांति, उत्तरायण, माघ बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये पर्व नवचेतना, शुभ आरंभ और प्रकृति की शाश्वत लय के प्रतीक हैं।...
मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

मकर संक्रांतिः सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने वाला पर्व

लेख
मृत्युंजय दीक्षित मकर संक्रांति के मौके पर जब सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह पर्व मनाया जाता है। यह पर्व सृष्टि में ऊर्जा का नवसंचार करने का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जप, तप, दान, स्नान, श्रद्धा, तर्पण आदि विधियों का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन उड़द, चावल, तिल, गौ, स्वर्ण, ऊनी वस्त्र, कम्बल आदि का दान किया जाता है, और गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। इस पर्व से संबंधित पौराणिक कथाएं भी हैं, जैसे भगवान भास्कर का अपने पुत्र शनिदेव से मिलने जाना और महाभारत के समय भीष्म पितामह का इसी दिन देह त्याग करना। इस दिन गंगाजी ने भगीरथ के साथ कपिल मुनि के आश्रम से सागर में जाकर मिलने का कार्य किया था। इसके अलावा, भगवान विष्णु ने इस दिन असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की थी, इसलिए इसे सकारात्मक...
मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील : मुख्यमंत्री साय

मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि त्योहार के आस-पास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी एक गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री साय ने निर्देशित किया कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधान...