दिल्ली, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज सुबह केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बजट पेश करने से पहले पारंपरिक दही-चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दीं। Это एक सांस्कृतिक परंपरा है, जो नए कार्यों की शुरुआत से पहले की जाती है।
जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को नई ऊर्जा देने तथा देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों, कलाकारों और पाठकों को एक मंच देने के उद्देश्य से 23, 24 और 25 जनवरी को रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में बस्तर जिले के लगभग 27 साहित्यकार इस साहित्य उत्सव में भाग लेने के लिए अपना पंजियन करवाया है। जगदलपुर के वरिष्ठ साहित्यकार रुद्रनारायण पाणिग्रही ने बताया कि रायपुर साहित्य उत्सव का केंद्रीय विचार आदि से अनादि तक है, जो भारत की साहित्यिक परंपरा की निरंतरता और विकास को रेखांकित करता है। यह आयोजन अटल नगर नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित किया जाएगा। जहां छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर एक नई पहचा...
मेदिनीपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुरुवार तड़के को पश्चिम और पूर्व मेदिनीपुर के सबंग–पोटाशपुर इलाके में ऐतिहासिक तुलसीचारा मेले का आगाज हो गया।
इस ऐतिहासिक मेले को लेकर स्थानीय लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह की पहली रोशनी के साथ ही तुलसी मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं, व्यापारियों और दर्शकों की भीड़ उमड़ने लगी। करीब 530 वर्षों से भी अधिक पुरानी परंपरा को अपने भीतर समेटे यह लोकमेला आज से शुरू होकर लगातार 10 दिनों तक चलेगा।
पोटाशपुर ब्लॉक के गोकुलपुर गांव में नदी किनारे स्थित प्राचीन तुलसी मंदिर को केंद्र बनाकर हर वर्ष पौष संक्रांति के दिन इस मेले का शुभारंभ होता है। मंदिर के नाम पर ही इस मेले को तुलसीचारा मेला कहा जाता है। लगभग 12 बीघा जमीन में फैला यह मेला अविभाजित मेदिनीपुर जिले की सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक प...
रायपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि त्योहार के आस-पास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी एक गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री साय ने निर्देशित किया कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधान...
झाबुआ, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। योग हमारी सदियों पुरानी परंपरा है, जिसके माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा सकता है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने का हम सभी का दायित्व है। यह विचार मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने व्यक्त किए। वे सोमवार को स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।
निर्मला भूरिया ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का युवाओं के लिए मार्गदर्शन आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता बताई। यह दिन हमें स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को स्मरण कर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का अवसर प्रदान ...
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में घने जंगलों और ऊँची-नीची पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, इतिहास, और विकास की जीवंत कहानी बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह स्थान श्रद्धालुओं से भर जाता है और पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास में डूब जाता है।
कुछ वर्ष पहले तक यह प्राचीन शिव मंदिर समय की चुनौतियों का सामना कर रहा था, वहीं आज यह केदारनाथ धाम की तर्ज पर बनाए गए भव्य मंदिर के रूप में श्रद्धालुओं का आकर्षण बन चुका है। रात्रि में जब यह मंदिर रोशनी से जगमगाता है, तो मानो पर्वत पर दिव्यता की छा जाती है।
स्थानीय पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी और इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार, सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हुई हैं। उस समय कारीमाटी क्षेत्र मे...