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Tag: धर्म

नेपाल चुनाव: वाग्ले का यू टर्न, पार्टी को बताया सनातन का रक्षक

नेपाल चुनाव: वाग्ले का यू टर्न, पार्टी को बताया सनातन का रक्षक

अंतरराष्ट्रीय
क Kathmandu, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के उपाध्यक्ष डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने देश की धार्मिक पहचान को लेकर अपने पुराने बयान के चलते उठे विवाद के बीच यू टर्न लेते हुए कहा है कि उनकी पार्टी हिन्दू, बौद्ध तथा किरात समाज वाली सनातन सभ्यता का कवच है। डॉ. वाग्ले ने शुक्रवार सुबह फेसबुक पर अपने खिलाफ लगे आरोपों का खंडन करते हुए यह स्पष्ट किया। दरअसल पिछले चुनाव में डॉ. वाग्ले ने एक भाषण में कहा था कि जो भी नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहता है, उसे इस पार्टी को छोड़ देना चाहिए। हालांकि, उनका यह बयान फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे उनकी पार्टी के उम्मीदवारों से मतदाता सवाल पूछने लगे हैं। वाग्ले के इस बयान का जबरदस्त विरोध होने के कारण उन्होंने आज सफाई दी है। उन्होंने लिखा, “सनातन सभ्यता और उन्नत लोकतंत्र—जब हमारी यह धारणा इतनी स्पष्ट है...
धर्म ही है सृष्टि का संचालक और भारत के पुनरुत्थान का आधार

धर्म ही है सृष्टि का संचालक और भारत के पुनरुत्थान का आधार

लेख
By: डॉ. मयंक चतुर्वेदी डॉ. मोहन भागवत ने ‘धर्म’ को सृष्टि का संचालक बताया है। उनका कथन है, सृष्टि निर्माण के साथ उसके संचालन के लिए बने नियम ही धर्म हैं। ये नियम विश्वव्यापी हैं। कोई व्यक्ति या वस्तु पूर्णतः अधर्मी नहीं हो सकते। यह प्राचीन ग्रंथों की गहन व्याख्या पर आधारित उनका धर्म के विषय में निष्कर्ष है। श्रीमद्भागवत, मनुस्मृति, पाराशर स्मृति, महाभारत जैसे ग्रंथ ‘धर्म’ को स्वाभाविक नियम के रूप में परिभाषित करते हैं। डॉ. भागवत जी का मूल सूत्र यही है कि ‘धर्म’ ही पूरी सृष्टि का ड्राइवर है। यही श्रीमद्भागवत पुराण में कहा गया है “धर्मः सनातनः सर्वस्य मूलं” अर्थात् धर्म सनातन है और समस्त सृष्टि का मूल। भगवान विष्णु स्वरूप में सृष्टि संचालित करते हैं। नियम ‘धर्म’ के रूप में निर्धारित हैं। यहां डॉ. भागवत जल को बहने और अग्नि को जलाने का ‘धर्म’ बताते हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसा श्रीमद्भागवत पु...
अमन-शांति, सुरक्षा और प्रगति के लिए आपसी संवाद ज़रूरी

अमन-शांति, सुरक्षा और प्रगति के लिए आपसी संवाद ज़रूरी

लेख
By: - प्रो. जसीम मोहम्मद अमन-शांति, सुरक्षा और प्रगति के लिए आपसी संवाद ज़रूरी पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपालजी को सुनने का अवसर मिला। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदू-मुसलमानों के बीच आपसी संवाद का मकसद मुसलमानों को आरएसएस के नज़रिए को मानने के लिए बाध्य करना नहीं है, बल्कि उनकी चिंताओं और कठिनाइयों को ईमानदारी से समझना है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतीय समाज की संवाद परंपरा यह मानती है कि हर तर्क में कुछ सचाई होती है। आपस में सिर्फ़ एक-दूसरे पर आरोप लगाने या अलग-अलग पक्षों द्वारा सांप्रदायिक उन्माद की घटनाओं का उल्लेख करने से कुछ हासिल नहीं होता। उन्होंने यह उल्लेख किया कि सांप्रदायिक तनाव की असली जड़ "दूसरों को अलग-थलग करने" में है, जबकि समावेशी स्वरूप में समाज को एकजुट करने की शक्ति है। बताया कि सांप्रदायिक घट...
मकर संक्रांति पर भगवान को तिल-लड्डू का भोग, परिवार की खुशहाली की कामना

मकर संक्रांति पर भगवान को तिल-लड्डू का भोग, परिवार की खुशहाली की कामना

छत्तीसगढ़, राज्य
धमतरी, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति का पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक-दूसरे को तिल-गुड़ देने की परंपरा निभाई गई, जिसमें मान्यता है कि तिल-गुड़ का दान करने से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। मकर संक्रांति के अवसर पर हर घर में आराध्य देव को तिल-गुड़ एवं तिल-लड्डू का भोग लगाया गया। पूजा-अर्चना के बाद परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की गई। इस पावन दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान देना विशेष पुण्यकारी माना जाता है। घर-घर में तिल और गुड़ से बने विभिन्न पकवान तैयार किए गए, जिन्हें परिजनों और अतिथियों को परोसा गया। पर्व के अवसर पर अनेक श्रद्धालु अलसुबह महानदी पहुंचकर स्नान-ध्यान करते नजर आए। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य का क्रम चलता रहा। मालूम हो कि मकर संक्राति जिसे उत्तर भारत में लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्राति के पूर्व र...
850 भक्त रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

850 भक्त रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन आज बुधवार को दोपहर 2 बजे 30 मिनट पर अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन से अयोध्या धाम और काशी के लिए रवाना हुई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और महापौर मंजूषा भगत ने हरी झंडी दिखाकर इस रामलला दर्शन योजना की स्पेशल ट्रेन को विदाई दी। स्टेशन पर माहौल भक्तिमय था, जहां जय श्री राम के नारे और भजन गुंजायमान हो रहे थे। जिला पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन, आईआरसीटीसी और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद थे। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने रामलला दर्शन योजना के तहत सभी व्यवस्थाएं की हैं। आपको किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारा संकल्प है। अब तक 41 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को हमने राम दर्शन का सौभाग्य प्रदान किया ...