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<strong>बम्हनी में 120 किसान धान बेचने से वंचित, मांगी कर्ज माफी</strong>

बम्हनी में 120 किसान धान बेचने से वंचित, मांगी कर्ज माफी

छत्तीसगढ़, राज्य
कोंडागांव, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। बम्हनी धान खरीद केंद्र के अंतर्गत आने वाले बम्हनी, संबलपुर, इसलनार, कारसिंग, चारगांव, चमई, हंगुआ, तोतर और धंसुली गांव के ग्रामीण किसान गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। वहाँ के धन खरीद केंद्र में 120 से अधिक किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। कई किसानों को टोकन ही नहीं मिल पाया, जिसके कारण वे धान बेचने नहीं पहुँच सके। इसी संबंध में, मंगलवार को, पीड़ित किसान कलेक्टर जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या को प्रस्तुत कर रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि कई किसानों ने समय पर पंजीकरण किया और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए, तब भी उन्हें टोकन जारी नहीं किया जा रहा है। किसानों को केंद्रों पर यह कहकर लौटाया जा रहा है कि “सर्वर की समस्या है”, नाम सूची में नहीं है या उपर से आदेश नहीं आया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेतों में मेहनत से धान तैयार किया है, जो ...
धान खरीद में देरी से किसान का सब्र टूटा, टावर पर किया प्रदर्शन

धान खरीद में देरी से किसान का सब्र टूटा, टावर पर किया प्रदर्शन

छत्तीसगढ़, राज्य
जांजगीर-चांपा, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। जिले के नवागढ़ ब्लॉक स्थित कसौंदी गांव में धान खरीद और टोकन नहीं कटने की समस्या से परेशान एक किसान ने शनिवार को टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंची और पिछले दो घंटों से किसान को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह कसौंदी गांव के निवासी किसान अनिल सूर्यवंशी धान की बिक्री नहीं हो पाने और समय पर टोकन नहीं कटने से मानसिक रूप से बेहद परेशान थे। बताया जा रहा है कि किसान पर करीब 1.50 लाख रुपये का कर्ज है और धान खरीद का आज अंतिम दिन बताया जा रहा है। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि धान खरीद व्यवस्था में लापरवाही और टोकन कटने में देरी के कारण क्षेत्र के कई किसान तनाव में हैं। अनि...
किसानों ने कहा: धान खरीद में दोहरी नीति क्यों

किसानों ने कहा: धान खरीद में दोहरी नीति क्यों

छत्तीसगढ़, राज्य
धमतरी, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राज्य सरकार द्वारा 12 नवंबर 2025 से धान खरीद प्रारंभ की गई, लेकिन 12 जनवरी 2026 से पहले जिन पंजीकृत किसानों ने समितियों में अपना धान विक्रय कर दिया, उनके घर, ब्यारा अथवा खेत-खलिहान में किसी प्रकार की जांच नहीं की गई। ऐसे में अब अचानक जांच शुरू किया जाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। आज भी सैकड़ों किसान टोकन कटने का इंतजार कर रहे हैं और अनेक किसानों को अब तक टोकन जारी नहीं हुआ है। इससे किसान असमंजस और भय की स्थिति में जी रहे हैं। खेती बचाव आंदोलन समिति के संस्थापक एवं अधिवक्ता **शत्रुहन सिंह साहू** ने कुरूद प्रवास के दौरान कहा कि खरीद के अंतिम समय में जांच-पड़ताल कराना किसानों में अनावश्यक डर और भ्रम फैलाने जैसा है। यदि धान खरीद प्रक्रिया में कोई खामी है तो उसकी जिम्मेदारी किसानों पर क्यों डाली जा रही है। यदि पहले धान बेचने वाले किसान सही और बाद म...
कोरबा : धान नहीं बिकने से परेशान किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

कोरबा : धान नहीं बिकने से परेशान किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कोरबा जिले में धान खरीद व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया है। किसान ने जहर का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया है। पीड़ित किसान की पहचान ग्राम पुटा, हरदीबाजार के सुमेर सिंह के रूप में हुई है। पिछले एक महीने से वह धान बेचने के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन न तो उसे खरीदी केंद्र पर धान बेचना नसीब हुआ और न ही टोकन मिला। किसानों की मानें तो फड़ प्रभारी उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गए। आर्थिक परेशानियों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते किसान ने यह निराशाजनक कदम उठाया। परिवार के अनुसार, उन्होंने अपनी समस्या को लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में भी आवेदन दिया था, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। इस घटना की जानकारी मिलने पर सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत...