Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: चूहा

तमिलनाडु: किसानों ने सूखा राहत की मांग को लेकर मुंह में चूहा पकड़े प्रदर्शन किया

तमिलनाडु: किसानों ने सूखा राहत की मांग को लेकर मुंह में चूहा पकड़े प्रदर्शन किया

राष्ट्रीय
त्रिची, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। विभिन्न मांगों को लेकर अनूठे तरीके से प्रदर्शन करने वाले किसानों के समूह ने शनिवार को सूखा राहत की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के समक्ष मुंह में चूहे को पकड़कर प्रदर्शन किया। इन किसानों का कहना है कि सूखे के कारण उन्हें चावल की जगह चूहा खाने की नौबत आ सकती है। देसिया थेनिधिया नाथिगल इनाइप्पु विवासयिगल संगम (नेशनल साउथ इंडियन रिवर इंटरलिंकिंग फार्मर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के प्रमुख किसान नेता पी. अय्याकन्नु दक्षिण भारतीय नदियों को जोड़ने, सूखे से राहत, कर्ज माफी और फसलों के बेहतर दाम के लिए अपने अनूठे प्रदर्शनों के लिए जाने जाते हैं। इस बार अय्याकन्नु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान त्रिची कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ किसान चूहे को मुंह में पकड़कर, बिना शर्ट पहने, माथे पर पट्टी बांधकर अर्धनग्न अवस्था में प...
धान खरीद एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान के आरोप तथ्यों से परे -साय सरकार

धान खरीद एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान के आरोप तथ्यों से परे -साय सरकार

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में धान खरीद एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर **साय सरकार** ने कहा है कि कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (**सूखत**) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है। वहीं **छत्तीसगढ़ विधानसभा** नेता प्रतिपक्ष **डॉ. चरणदास महंत** ने प्रदेश में धान खरीद की बदहाली और किसानों द्वारा आत्महत्या के प्रयास की बढ़ती घटनाओं पर सरकार पर जमकर निशाना साधा है। इसके साथ ही धान खरीद का समय बढ़ाने की मांग है। **डॉ. महंत** ने कहा कि **टोकन तुंहर हाथ** ऐप और **बायोमेट्रिक** सर्वर फेल हो चुके हैं। ऑनलाइन खरीद बंद होने के कारण हजारों किसान अब तक अ...