
त्रिची, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। विभिन्न मांगों को लेकर अनूठे तरीके से प्रदर्शन करने वाले किसानों के समूह ने शनिवार को सूखा राहत की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के समक्ष मुंह में चूहे को पकड़कर प्रदर्शन किया। इन किसानों का कहना है कि सूखे के कारण उन्हें चावल की जगह चूहा खाने की नौबत आ सकती है।
देसिया थेनिधिया नाथिगल इनाइप्पु विवासयिगल संगम (नेशनल साउथ इंडियन रिवर इंटरलिंकिंग फार्मर्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के प्रमुख किसान नेता पी. अय्याकन्नु दक्षिण भारतीय नदियों को जोड़ने, सूखे से राहत, कर्ज माफी और फसलों के बेहतर दाम के लिए अपने अनूठे प्रदर्शनों के लिए जाने जाते हैं। इस बार अय्याकन्नु के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान त्रिची कलेक्टर कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान कुछ किसान चूहे को मुंह में पकड़कर, बिना शर्ट पहने, माथे पर पट्टी बांधकर अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन में शामिल हुए। किसानों ने बताया कि वे लगातार 15 दिनों तक यह धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे। इन किसानों का कहना है कि सूखे की स्थिति में उन्हें भोजन के लिए चावल तक नहीं मिल रहा है और उन्हें चूहे खाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
इससे पहले कृषि उत्पादों के लिए लागत का दोगुना लाभकारी मूल्य देने, किसानों के कर्ज माफ करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पिछले नवंबर महीने में किसान दिल्ली में प्रदर्शन करने गए थे। उस दौरान नागपुर रेलवे पुलिस ने किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
