प्रयागराज, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज माघ मेला में माघी पूर्णिमा के पावन स्नान पर्व पर सुबह 8 बजे तक लगभग 90 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
प्रयागराज, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उप्र के प्रयागराज में माघ मेले के तीसरे महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर रविवार मध्याह्न 12:00 बजे तक 3.15 करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।
प्रयागराज, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रयागराज के विश्व प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेले के तीसरे महत्वपूर्ण स्नान पर्व मौनी अमावस्या को पुण्य अर्जित करने के लिए रविवार सुबह 8 बजे तक 1.3 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
प्रयागराज, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज **माघ मेला** के द्वितीय स्नान पर्व **मकर संक्रांति** को सुबह **दस बजे** तक **36 लाख** श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी।
प्रयागराज, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। माघ मेले के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति पर संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लगा हुआ है। सुबह 8 बजे तक 21 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी घाटों की सीसीटीवी कैमरे एवं एआई के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
माघ मेला पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब संगम क्षेत्र की ओर उमड़ पड़ा है और सुबह 8 बजे तक 21 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं माघ मेले के सुव्यवस्थित संचालन हेतु प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सभी वरिष्ठ अधिकारी बुधवार रात्रि से ही मेला क्षेत्र में डटे हुए हैं। इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण, पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्र, मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल, पुलिस कम...
प्रयागराज, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध प्रयागराज माघ मेला के द्वितीय स्नान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक 45 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। तीर्थराज प्रयाग में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा है। संगम से लेकर विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु स्नान दान कर रहे हैं।
गोरखपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई। इस अवसर पर उन्होंने शिवावतार महायोगी से लोकमंगल तथा सभी नागरिकों के सुखमय-समृद्धमय जीवन की प्रार्थना की।
महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर जाकर आस्था को नमन कर रहे हैं। गोरखपुर में बुधवार को लाखों श्रद्धालुओं ने महायोगी भगवान गोरखनाथ जी को आस...
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य, कृषि, समाज और मानव मूल्यों के संतुलन का अद्भुत उत्सव है। यह पर्व जिले के जनजीवन में गहराई से बसा हुआ है, जहां श्रद्धा के साथ सामाजिक चेतना, सहयोग और सामूहिकता का दृश्य देखने को मिलता है। मकर संक्रांति हर वर्ष जीवन को नई दिशा देने, आत्मचिंतन तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करती है। वर्ष 2026 में यह महापर्व 14 जनवरी को श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 3:13 बजे से शुरू होकर 4:58 बजे तक रहेगा। इस समय स्नान, दान, सूर्य पूजन और सेवा कार्य करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे लोग इस समय को विशेष महत्व देते हैं।
मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश औ...
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में घने जंगलों और ऊँची-नीची पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, इतिहास, और विकास की जीवंत कहानी बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह स्थान श्रद्धालुओं से भर जाता है और पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास में डूब जाता है।
कुछ वर्ष पहले तक यह प्राचीन शिव मंदिर समय की चुनौतियों का सामना कर रहा था, वहीं आज यह केदारनाथ धाम की तर्ज पर बनाए गए भव्य मंदिर के रूप में श्रद्धालुओं का आकर्षण बन चुका है। रात्रि में जब यह मंदिर रोशनी से जगमगाता है, तो मानो पर्वत पर दिव्यता की छा जाती है।
स्थानीय पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी और इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार, सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हुई हैं। उस समय कारीमाटी क्षेत्र मे...