Saturday, March 7खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: कृषि

पटवारी कामिनी कारे निलंबित, तहसीलदार हरदीबाजार को कारण बताओ नोटिस

पटवारी कामिनी कारे निलंबित, तहसीलदार हरदीबाजार को कारण बताओ नोटिस

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। धान खरीद वर्ष 2025-26 के प्रभावी संचालन के लिए शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार गिरदावरी में छूटे और त्रुटिवश दर्ज कृषकों के रकबा सुधार तथा ऑनलाइन मैपिंग का कार्य जारी है। इसी संदर्भ में, पटवारी हल्का नंबर 03, रा.नि.मं. तिवरता, तहसील हरदीबाजार के ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता और पूटा के कृषकों की रकबा ऑनलाइन मैपिंग की गई थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार संबंधित पटवारी कामिनी कारे ने कई कृषकों का क्षेत्र निरीक्षण और सत्यापन नहीं किया, जिसके फलस्वरूप प्रभावित कृषक धान उपार्जन केंद्रों में अपना उत्पादन नहीं बेच पा रहे हैं। यह कार्य शासन के निर्देशों की अवहेलना और कार्य के प्रति उदासीनता का परिचायक पाया गया। इस कृत्य के लिए कामिनी कारे को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन करते हुए निलंबित किया गया है।...
बलरामपुर : पारदर्शी धान खरीद से किसान खुशहाल, अधौरा के किसान ने शासन की नीति को बताया आर्थिक मजबूती की राह

बलरामपुर : पारदर्शी धान खरीद से किसान खुशहाल, अधौरा के किसान ने शासन की नीति को बताया आर्थिक मजबूती की राह

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राज्य में धान खरीद की व्यवस्था को लेकर क्रियान्वित की गई पारदर्शी और किसानहितैषी नीति का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार की गई इस व्यवस्था का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है और उनमें भरोसा भी बढ़ा है। बलरामपुर–रामानुजगंज जिले के विकासखंड बलरामपुर के ग्राम अधौरा के किसान शिवनाथ राम ने धान खरीद प्रक्रिया पर अपनी संतोषजनक राय व्यक्त करते हुए शासन की तात्कालिक पहल की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि इस समय की व्यवस्था ने धान बिक्री को सरल, सुगम और पूर्णतः पारदर्शी बना दिया है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा। किसान शिवनाथ राम के अनुसार, उन्होंने इस वर्ष उपार्जन केंद्र पर लगभग 400 बोरी धान बिना किसी रुकावट के बेचा। खरीद प्रक्रि...
एमसीबी: 184 क्विंटल धान बिक्री ने बदली जिंदगी, किसान अभय की मेहनत को मिला पूरा सम्मान

एमसीबी: 184 क्विंटल धान बिक्री ने बदली जिंदगी, किसान अभय की मेहनत को मिला पूरा सम्मान

छत्तीसगढ़, राज्य
मनेंद्रगढ़, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान लागू की गई पारदर्शी, सुगम और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए नई उम्मीद और विश्वास का आधार बन रही है। प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों का लाभ अब सीधे खेतों और गांवों तक पहुंच रहा है। इसी बदली व्यवस्था की जमीनी सफलता की मिसाल मनेंद्रगढ़ ग्राम कोड़ा निवासी किसान अभय कुमार पांडेय की प्रेरणादायक कहानी है। अभय कुमार पांडेय ने कोड़ा उपार्जन केंद्र में कुल 184 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया और अपनी मेहनत की पूरी कीमत प्राप्त की। शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी की नीति ने उन्हें मजबूत आर्थिक संबल प्रदान किया। पहले जहां किसान अपनी उपज की कीमत को लेकर चिंतित रहते थे, वहीं इस वर्ष की व्यवस्था ने यह भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हर दाने की सही...
एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

एमसीबी: बदली धान खरीद व्यवस्था से किसान रमाशंकर को मिला मेहनत का पूरा सम्मान

विशेष समाचार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 किसानों के लिए केवल धान बेचने का समय नहीं, बल्कि उनके लिए भरोसे, सम्मान और आत्मविश्वास से भरपूर एक नया अध्याय बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक और तकनीक आधारित धान खरीद व्यवस्था ने यह यकीन दिलाया है कि अब किसानों की मेहनत सुरक्षित है और उनका सही मूल्य समय पर सीधे बैंक खाते में पहुंचाया जा रहा है। इस नए प्रणाली का जीवंत उदाहरण बने हैं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्रामीण पोड़ीडीह के किसान रमाशंकर, जिन्होंने खड़गवां उपार्जन केंद्र पर धान बेचकर इस नई व्यवस्था की प्रभावशीलता को अनुभव किया। रमाशंकर एक सरल, मेहनती और संघर्षशील किसान हैं, जिन्होंने अनिश्चित मौसम, बढ़ती लागत और बाजार के दबावों के बावजूद धान की फसल का उत्पादन किया। राज्य सरकार की प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की नीति और...
ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का साधन बनाता वीबी-जीरामजी अधिनियम: जगदीश देवड़ा

ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का साधन बनाता वीबी-जीरामजी अधिनियम: जगदीश देवड़ा

मध्य प्रदेश, राज्य
जबलपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि एनडीए सरकार ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत वीबी-जीरामजी अधिनियम को लागू किया है, जो कि मनरेगा के स्थान पर है और ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का साधन बनाता है। सोमवार को जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री देवड़ा ने संभागीय भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह अधिनियम विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप बनाया गया है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश पार्टी के अनेक नेता भी मौजूद थे। देवड़ा ने बताया कि ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों ने भारतीय समाज की आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि मनरेगा ने काम से जुड़े कई पहलुओं को संबोधित किया है, लेकिन इसके लंबे समय के प्रभाव में प्रशासनिक कमजोरियों और भ्रष्टाचार के कारण बाधाएं आईं। उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी अधिनि...
कोरबा : धान नहीं बिकने से परेशान किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

कोरबा : धान नहीं बिकने से परेशान किसान ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कोरबा जिले में धान खरीद व्यवस्था में अव्यवस्था के कारण एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया है। किसान ने जहर का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया है। पीड़ित किसान की पहचान ग्राम पुटा, हरदीबाजार के सुमेर सिंह के रूप में हुई है। पिछले एक महीने से वह धान बेचने के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन न तो उसे खरीदी केंद्र पर धान बेचना नसीब हुआ और न ही टोकन मिला। किसानों की मानें तो फड़ प्रभारी उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गए। आर्थिक परेशानियों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते किसान ने यह निराशाजनक कदम उठाया। परिवार के अनुसार, उन्होंने अपनी समस्या को लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में भी आवेदन दिया था, लेकिन वहां से कोई समाधान नहीं मिला। इस घटना की जानकारी मिलने पर सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत...
मनरेगा ने रामकुमार की तक़दीर बदलकर दी आय का स्थायी साधन

मनरेगा ने रामकुमार की तक़दीर बदलकर दी आय का स्थायी साधन

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन गई है। मनरेगा के अंतर्गत डबरी निर्माण जैसे कार्य ग्रामीण किसानों के लिए आय के नए स्रोत, रोजगार के अवसर और स्थायी विकास की मजबूत नींव साबित हो रहे हैं। विकासखंड मुंगेली के ग्राम पंचायत रामगढ़ के किसान रामकुमार यादव के जीवन में मनरेगा के तहत निर्मित डबरी ने नई दिशा और स्थायित्व प्रदान किया है। किसान रामकुमार की निजी भूमि पर मनरेगा योजना के अंतर्गत 1.58 लाख रुपये की लागत से डबरी का निर्माण कराया गया, जिससे 676 मानव दिवस का सृजन हुआ। इस जल संरचना के निर्माण से न केवल उन्हें सिंचाई की स्थायी सुविधा मिली, बल्कि आजीविका के नए अवसर भी खुले।...
छग में लेमनग्रास की खेती: किसानों के लिए कमाई का उत्तम विकल्प

छग में लेमनग्रास की खेती: किसानों के लिए कमाई का उत्तम विकल्प

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News छत्तीसगढ़ में किसानों की आय दोगुनी करने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत लेमनग्रास की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ कमाने का एक उत्कृष्ट विकल्प बनकर उभर रही है। किसानों को मिलती है अच्छी आय: लेमनग्रास (नींबू घास) किसानों के लिए एक बेहतरीन, कम लागत, अधिक मुनाफे वाली फसल है, जिसे बंजर या पथरीली ज़मीनों पर भी उगाया जा सकता है। यह कम पानी व कम देखभाल में साल में 4-5 बार कटाई देती है, जिससे 1 लाख/एकड़ तक की कमाई संभव है। इसके तेल की मांग परफ्यूम और कॉस्मेटिक्स में बहुत है, साथ ही चाय और दवाइयों में भी इसका उपयोग होता है, जिससे किसानों को अच्छी आय मिलती है। उल्लेखनीय है कि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी जिला कलेक्टर और कृषि विभाग को औषध...
वीबीजी राम जी योजना: ग्राम पंचायतों को मिली नई शक्तियां – बसवराज बोम्मई

वीबीजी राम जी योजना: ग्राम पंचायतों को मिली नई शक्तियां – बसवराज बोम्मई

राष्ट्रीय
बेंगलुरु, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद बसवराज बोम्मई ने विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबीजी जी राम जी) योजना के विरोध पर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। बोम्मई ने बेंगलुरु स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह योजना ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार प्रदान करती है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर इसका विरोध कर रही है। उन्होंने बताया कि वीबीजी जी राम जी योजना के अंतर्गत काम के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों को काम करने वालों और ना करने वालों की सूची तैयार करने, ग्रामीण विकास योजनाएं बनाने, योजनाओं को लागू करने और मजदूरी भुगतान तक के अधिकार दिए गए...