चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने हवाई यात्रा (Air travel.) के दौरान एक यात्री को खाने में बाल मिलने के मामले में एयर इंडिया (Air India.) पर 35 हजार रुपए का जुर्माना (Fine of Rs 35 thousand) लगाया है। जुर्माने की यह राशि यात्री को दी जाएगी। हालांकि हाईकोर्ट ने इस मामले में एयर इंडिया को एक तरीके से राहत ही दी है क्योंकि निचली अदालत ने सुनवाई करते हुए 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था, जिसके खिलाफ एयर इंडिया ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक न्याय मूर्ति पी बी बालाजी ने एयर इंडिया लिमिटेड की अपील का आंशिक रूप से बरकरार रखते हुए यह आदेश जारी किया। न्यायाधीश ने कहा, “एयर इंडिया के अधिकारी इस मामले में अपने लिखित बयानों में असंगत और अस्थिर रहे हैं। जैसे की एक बार में उन्होंने दावा किया कि विमान में इस दौरान 7 कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन यात्री ने किसी से भी इस बात की शिकायत नहीं की। हालांकि अपनी इच्छा से लिखित बयान में उन्होंने माना कि यात्री ने मौखिक रूप से शिकायत की थी, जिसकी सूचना कंपनी के माध्यम से तुरंत रेडियो पर दी गई थी।”
रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान वादी (यात्री ) को लगातार पेट दर्द और उल्टी जैसा मन हो रहा था। उन्होंने आगे कहा कि फ्लाइट के लैंड करने के बाद एक सीनियर कैटरिंग मैनेजर ने यात्री से मिलने की भी कोशिश की लेकिन यात्री ने उनसे मिलने से मना कर दिया। इसके बाद सीधे उसने एयरपोर्ट मैनेजर से शिकायत दर्ज करवाई।
जज ने कहा, “लिखित बयानों के विपरीत, प्रतिवादी वास्तव में इस बात को स्वीकार करते हैं कि यात्री को दिए गए खाने के पैकेट में बाल थे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए मुझे नहीं लगता कि केवल कैटरर को इसमें अभियुक्त बनाया जाए। प्रतिवादी इस मामले से अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते यह कोई तर्क नहीं होता कि अगर कोई मुआवजा दिया जाए, तो वह केवल कैटरर ही देगा।”
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया ने स्पष्ट रूप से इस मामले में लापरवाही बरती है। ऐसे में वह पैकेट में बाल मिलने के मामले में स्पष्ट रूप से मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी है। न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि भोजन प्रतिवादियों द्वारा सीधे तौर पर तैयार नहीं किया गया था, लेकिन इनके एजेंट्स राजदूत पल्लव द्वारा तैयार किया गया था।
