ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। खास बात यह है कि आरोपित अधिकारी शुक्रवार, 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले थे। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सड़क निर्माण कार्य के 36 लाख रुपये के बिल का भुगतान लंबित है। आरोप है कि संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर कर भुगतान कराने के एवज में कार्यपालन यंत्री ने बिल राशि का एक प्रतिशत, यानी 36 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के मुताबिक, आरोपित पहले ही 30 हजार रुपये ले चुका था और शेष छह हजार रुपये नगर निगम कार्यालय में लेने पर सहमत हुआ था। इसकी सूचना मिलने पर लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
इसके बाद लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता जैसे ही नगर निगम कार्यालय में छह हजार रुपये देने पहुंचा और आरोपित ने राशि स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपित सुशील कटारे (62) ग्वालियर के विजयनगर क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी सेवानिवृत्ति में केवल एक दिन शेष था, लेकिन उससे पहले ही वह रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गए।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विवेचना जारी है।
