अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित एक निजी स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र को कथित तौर पर 200 बार ‘मां’ से जुड़ी गाली लिखने की सजा दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद छात्र के अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से शिकायत की है। शिकायत के आधार पर शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, शहर से लगे ग्राम सरगवां स्थित बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल में 28 जुलाई को कक्षा आठ के दो छात्रों के बीच विवाद और मारपीट हो गई थी। आरोप है कि इस घटना के बाद कक्षा की शिक्षिका ने एक छात्र को अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत हिंदी और अंग्रेजी में 100-100 बार गाली लिखने का निर्देश दिया। छात्र ने अपनी कॉपी में कुल 200 बार वही शब्द लिखे। इसके बाद उससे कहा गया कि वह कॉपी घर ले जाकर अपने माता-पिता को दिखाए और उनके हस्ताक्षर करवाकर वापस स्कूल लाए।
घर पहुंचने पर छात्र के परिजनों ने कॉपी देखी तो वे हैरान रह गए। छात्र के पिता ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि छात्र से कोई गलती हुई थी तो शिक्षक का दायित्व उसे समझाना और सही मार्गदर्शन देना था, न कि इस प्रकार की आपत्तिजनक सजा देना। उन्होंने कहा कि इस तरह की सजा से बच्चे के मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मामला सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने भी इसकी निंदा करते हुए संबंधित शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद सहायक संचालक को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस प्रकार की सजा देना उचित नहीं है और शिक्षा विभाग मामले को गंभीरता से देख रहा है।
