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MP सरकार गेहूं पर देगी बोनस, CM ने किया ऐलान, पंजीयन की तिथि भी बढ़ाई

इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि राज्य सरकार गेहूं की सरकारी खरीद पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) (Minimum Support Price (MSP)) के अलावा बोनस भी देगी। मुख्यमंत्री ने 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। राज्य सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन (Registration) की आखिरी तारीख बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। यह पहले 7 मार्च थी।


40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस का ऐलान
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस भी प्रदान करेगी।


2,625 रुपये प्रति क्विंटल होगी खरीद
मोहन यादव ने इंदौर में बताया कि हमारी सरकार ने निर्णय किया है कि हम गेहूं की खरीद के दौरान किसानों को 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देंगे। इस तरह हम किसानों का गेहूं 2,625 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर खरीदेंगे।


किसान कल्याण वर्ष घोषित
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। अन्नदाताओं के हित में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।


गेहूं खरीद के लिए बढ़ाई रजिस्ट्रेशन डेट
मोहन यादव ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किसानों के पंजीयन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है जो पहले सात मार्च तय की गई थी।


बिजली मुहैया कराएगी सरकार
मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार सिंचाई के लिए किसानों को दिन के वक्त बिजली मुहैया कराने का प्रयास करेगी क्योंकि रात में सिंचाई के कारण अन्नदाताओं को अलग-अलग मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।


यूपीएससी के नतीजों पर जताई खुशी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा-2025 में भोपाल के ईशान भटनागर को 5वां और धार के पक्षाल सेक्रेटरी को 8वां स्थान मिलने पर खुशी जाहिर की और कहा कि इन युवाओं की सफलता प्रदेश का मान बढ़ाती है।


कांग्रेस का जोरदार हमला
इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की कृषि नीतियों और किसानों की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला है। जीतू पटवारी का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से कृषि कल्याण वर्ष मनाने की बात की जा रही है जबकि सूबे की लगभग 70 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर होने के बावजूद बीते 20 वर्षों में किसानों को केवल वादों के सहारे रखा गया है। आलम यह है कि किसानों की आमदनी दोगुनी होने के बजाय उनका कर्ज बढ़ा है।

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