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पाकिस्तानी नागरिक सबा प्रकरण में नया मोड़: ‘नाजिया’ का वोटर कार्ड किसी और का

मेरठ। उत्‍तरप्रदेश के मेरठ (Meerut) में कथित पाकिस्तानी नागरिक सबा की गिरफ्तारी और फर्जी दस्तावेजों के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। सबा के अधिवक्ता वीके शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि जिस वोटर कार्ड को आधार बनाकर सबा को जेल भेजा गया, वह असल में किसी दूसरी महिला का है और इस पूरे मामले में बड़ी गड़बड़ी हुई है।

वोटर कार्ड को लेकर नया खुलासा
अधिवक्ता वीके शर्मा ने मीडिया के सामने ‘नाजिया पत्नी फरहत’ नाम से जारी वोटर कार्ड पेश करते हुए बताया कि उस पर दर्ज ईपीआईसी (EPIC) नंबर TXL0674044 वही है, जिसे शिकायत में मुख्य आधार बनाया गया था। उनका कहना है कि यह वोटर कार्ड मेरठ के Sathla village की रहने वाली एक महिला का है, जिसका सबा से कोई संबंध नहीं है। जानकारी के मुताबिक वह महिला अपने परिवार और प्रोफेसर पति के साथ वहीं रह रही है।

पुलिस पर बिना जांच गिरफ्तारी का आरोप

वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना ठोस जांच और भौतिक सत्यापन के केवल एक शिकायत के आधार पर सबा को गिरफ्तार कर लिया। उनका कहना है कि अगर सही तरीके से जांच होती, तो यह साफ हो जाता कि जिस वोटर कार्ड का हवाला दिया जा रहा है, वह किसी अन्य महिला का है।

33 साल से भारत में रहने का आरोप

दरअसल यह मामला तब सामने आया जब रुकसाना खान पत्नी अयाज खान ने जिला प्रशासन और एसएसपी से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जली कोठी क्षेत्र में रहने वाली सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया पाकिस्तान की नागरिक है और वह पिछले करीब 33 वर्षों से बिना वैध नागरिकता के भारत में रह रही है।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि सबा का निकाह मेरठ के फरहत मसूद से हुआ था और वर्ष 1993 में उसने पाकिस्तान में बेटी को जन्म दिया था। बाद में वह पाकिस्तानी पासपोर्ट के जरिए भारत आई और यहीं बस गई। आरोप यह भी लगाया गया कि उसने फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर भारतीय दस्तावेज तैयार कराए।

कोर्ट में होगी कानूनी लड़ाई

इसी शिकायत के आधार पर 16 फरवरी को Delhi Gate Police Station Meerut में मामला दर्ज किया गया था और 17 फरवरी को सबा को जेल भेज दिया गया। अब बचाव पक्ष के वकील का कहना है कि वे अदालत में इस मामले को मजबूती से उठाएंगे।

उनका दावा है कि जिस वोटर कार्ड को सबा से जोड़ा जा रहा है, उसमें सठला गांव की महिला की फोटो है और कहीं भी सबा का उल्लेख नहीं है। ऐसे में वे गलत गिरफ्तारी और मानसिक उत्पीड़न के आरोप में पुलिस के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं।

इस नए खुलासे के बाद पूरे मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।

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