कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) की आहट के साथ ही चुनाव आयोग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। राज्य में चुनावी तैयारियों का जायजा लेने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए आयोग की 13 सदस्यीय फुल बेंच आगामी 8 मार्च से कोलकाता (Kolkata) के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंच रही है। इस बीच, प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्य में अवैध धन और सामग्री की आवाजाही पर लगाम कसने के लिए अभी से कमर कस लें।
चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए आयोग ने पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड से लगभग 200 नवनियुक्त न्यायिक अधिकारियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। ये अधिकारी बंगाल के आठ संवेदनशील जिलों उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली, हावड़ा, बीरभूम, पूर्व और पश्चिम बर्धमान और नादिया में चुनावी विवादों के निपटारे की जिम्मेदारी संभालेंगे।
एक रिपोर्ट में एक अधिकारी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुल 61 लाख मामलों को निपटारे के लिए भेजा गया था, जिनमें से अब तक न्यायिक अधिकारियों द्वारा 6.5 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। हालांकि, इन निपटाए गए मामलों में से कितने खारिज किए गए हैं, इसका सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।
गुरुवार को चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय, राज्य जीएसटी (SGST) और आयकर विभाग जैसी प्रमुख एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, आयोग ने इन एजेंसियों को राज्य भर में सख्त ‘नाका’ चेकिंग सुनिश्चित करने, दैनिक आधार पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाने और जब्ती की रिपोर्ट नियमित अंतराल पर सीधे चुनाव आयोग को सौंपने के लिए कहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 13 सदस्यीय दल 8 से 10 मार्च तक कोलकाता में रहेगा। इस दौरे का मुख्य आकर्षण 9 मार्च को होने वाली सर्वदलीय बैठक होगी। सुबह 10 बजे से होने वाली इस दो घंटे की बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चुनाव संबंधी चिंताओं और सुझावों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, आयोग की बेंच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के नोडल अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेगी।
10 मार्च को चुनाव आयोग की टीम राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक करेगी। इसमें कानून-व्यवस्था और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) के साथ जमीनी स्तर की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि बंगाल आने से पहले आयोग की टीम तमिलनाडु और असम का दौरा कर वहां की तैयारियों की समीक्षा कर चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे और न्यायिक अधिकारियों की तैनाती से स्पष्ट है कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में एक निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
