
नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर एक मैग्जीन के लेख को सदन में उठाने का प्रयास किया। सत्ता पक्ष के विरोध और लोकसभा अध्यक्ष की ध्यानाकर्षण के बावजूद, राहुल गांधी के बार-बार मुद्दा उठाने के कारण कार्यवाही को दो बार स्थगित किया गया, और अंततः दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा।
आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आरंभ की गई, जिसमें राहुल गांधी ने भारत और चीन के बीच 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुई सैन्य तनातनी के मुद्दे को उठाया। उन्होंने उस समय के सेना अध्यक्ष जनरल नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर आधारित एक आलेख का हवाला देते हुए सत्ता पक्ष पर निशाना साधा। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई कि राहुल गांधी अप्रकाशित पुस्तक का हवाला दे रहे हैं, जिसे सत्यापित नहीं किया जा सकता।
लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को केवल वे बातें सदन में रखने के लिए कहा जो वे सत्यापित कर सकते हैं। इसके बावजूद, उनके मुद्दा उठाने के कारण सदन की कार्यवाही पहले 3 बजे और बाद में 4 बजे के लिए स्थगित कर दी गई। दो बार स्थगन के बाद, राहुल गांधी ने आगे कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को उठा रहे हैं और उन्हें बोलने से रोका जा रहा है। अंत में, कार्यवाही को मंगलवार तक स्थगित कर दिया गया।
राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य की शुरुआत में भाजपा नेता तेजस्वी सूर्या द्वारा विपक्ष के देशभक्ति पर उठाए गए सवालों का उल्लेख किया। गृहमंत्री अमित शाह ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि तेजस्वी ने विपक्ष की देशभक्ति पर नहीं बल्कि सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सदन में मौजूद थे।
लोकसभा अध्यक्ष ने सेट ऑर्डर देते हुए राहुल गांधी को जनरल नरवणे का मुद्दा उठाने से रोका। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी सदन में नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो उन्हें इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव को अगले वक्ता के रूप में अपनी बात रखने के लिए बुलाया।
सदन की कार्यवाही में रुकावट के कारण कार्यवाही को 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। एक बार फिर, सदन के दोबारा शुरू होने पर राहुल गांधी ने भारत-चीन मुद्दा उठाया। इस पर सत्ता पक्ष ने फिर से आपत्ति जताई। संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि हमें लगता है कि राहुल सुधर जाएंगे, लेकिन वे नहीं सुधरे। उन्होंने राहुल से आग्रह किया कि वे सदन को चलने दें क्योंकि उनके पास कहने के लिए बहुत बातें हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
