
नई दिल्ली, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को प्रसंस्कृत खाद्य के बारे में फैल रही गलत जानकारियों का सामना करने का आवाहन किया। उन्होंने नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित गुमराह करने वाले प्रचार का मुकाबला करने के लिए बनाई गई कमेटी की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। इस बैठक में कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के नेता और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि इस बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग खाद्य सुरक्षा, पोषण, बर्बादी को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रसंस्कृत खाद्य के बारे में फैल रहे मिथकों और गलत जानकारियों का मुकाबला साइंस पर आधारित संवाद, पारदर्शिता और जिम्मेदार जुड़ाव के माध्यम से किया जाना चाहिए।

चिराग पासवान ने एक संतुलित सार्वजनिक राय बनाने और सुनिश्चित करने के लिए कि फूड प्रोसेसिंग के बारे में सही और विश्वसनीय जानकारी हर नागरिक तक पहुंचे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अन्य महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन चैनल का उपयोग करने के महत्व पर जोर दिया। इसके साथ ही सभी स्टेकहोल्डर्स की सामूहिक जिम्मेदारी पर भी ध्यान केंद्रित किया।
इस बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट जैसे प्रमुख नियामक और तकनीकी संस्थानों के प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत पुन्हानी भी मौजूद रहे।
