
इंदौर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से फैलने वाली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई।
मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। स्थिति में कोई सुधार न होते देख उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां 4 जनवरी को उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
डॉक्टरों के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया था। दूषित पानी के कारण ज्यादातर मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बन गई थी।
इंदौर में इस मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 31 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव, नंदलाल पाल, उमा कोरी, मंजूला, ताराबाई कोरी, गोमती रावत, सीमा प्रजापत, जीवन लाल बरेडे, अव्यान साहू, शंकर भाया, संतोष बिगोलिया, अरविंद लिखर, गीताबाई, अशोक लाल पंवार, ओमप्रकाश शर्मा, हरकुंवर बाई, रामकली, सुमित्रा बाई, श्रवण खुपराव, हीरालाल, सुनीता वर्मा, कमला बाई, भगवानदास, शुभद्राबाई, हेमंत गायकवाड़, विद्या बाई, बद्री प्रसाद, राजाराम बौरासी, खूबचंद, लक्ष्मी रजक और एकनाथ सूर्यवंशी शामिल हैं।
इस बीच, भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में और एक अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत हैं। क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब भी 24 घंटे संचालित है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। हालात सुधरने के बावजूद, क्षेत्र के रहवासी अब भी सहमे हुए हैं।
