
मुंबई, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। फिल्म ‘मर्दानी 3’, जिसमें रानी मुखर्जी ने एक बार फिर अपनी अदाकारी का जलवा दिखाया है, हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई है। यह फिल्म ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी है, जिसके निर्देशक अभिराज मीनावाला हैं। रानी मुखर्जी के साथ फिल्म में जानकी बोदीवाला और मल्लिका प्रसाद जैसे कलाकार भी नजर आते हैं। जबकि फिल्म ‘बॉर्डर 2’ पहले से बॉक्स ऑफिस पर मौजूद है, ‘मर्दानी 3’ अपनी अलग पहचान बनाने के प्रयास में है। यह फिल्म पूर्ण रूप से परिपूर्ण नहीं है, लेकिन दर्शकों को संतोषजनक सिनेमाई अनुभव देने में सक्षम है।
कहानी में बुलंदशहर की पृष्ठभूमि है, जहां मासूम लड़कियों का अपहरण हो रहा है। एक गैंग, जिसकी मुखिया अम्मा है, इस किडनैपिंग को अंजाम देती है। एक बड़े अफसर की बेटी के अपहरण के मामले के बाद, शिवानी शिवाजी रॉय (रानी मुखर्जी) मामले की जांच में जुट जाती हैं। हालांकि कहानी कई जगहों पर अनुमानित होती है, लेकिन इसकी गंभीरता अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है।
निर्देशन में अभिराज मीनावाला ने डार्क और गंभीर टोन पेश करने का प्रयास किया है, लेकिन कुछ जगहों पर फिल्म का पेस धीमा पड़ जाता है। रानी मुखर्जी के किरदार में उनका प्रदर्शन काबिले तारीफ है, जो फिल्म की गति को बनाए रखता है। हालांकि अम्मा का किरदार और अधिक प्रभावी बन सकता था। सहायक कलाकारों का काम संतोषजनक है, लेकिन कोई ताजगी नहीं लाता।
तकनीकी पक्ष के मामले में बैकग्राउंड म्यूज़िक और कैमरा वर्क प्रभावी हैं, लेकिन एडिटिंग में थोड़ी और कसावट की जरूरत थी।
फाइनल वर्डिक्ट यह है कि ‘मर्दानी 3’ एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर आधारित फिल्म है, जो परफेक्ट थ्रिलर तो नहीं, लेकिन रानी मुखर्जी की दमदार मौजूदगी और कहानी की गंभीरता के चलते इसे देखना जरूरी है। यदि आप तेज रफ्तार और चौंकाने वाले सस्पेंस की तलाश में हैं, तो यह फिल्म आपको थोड़ी कमज़ोर लग सकती है।
