
नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भारत में ओलंपिक आंदोलन को एक नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आईओए ने राष्ट्रीय ओलंपिक शिक्षा एवं विकास कार्यक्रम (एनओईडीपी) की शुरुआत की है और इसके साथ ही राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी (एनओए) को औपचारिक रूप से एक बार फिर से सक्रिय कर दिया है। यह निर्णय 8 जनवरी 2026 को अहमदाबाद में आयोजित की गई आईओए की कार्यकारी परिषद की बैठक में लिया गया था, जिसे 9 जनवरी 2026 को आयोजित वार्षिक आम बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। आईओए का कहना है कि ये पहलें खिलाड़ियों-केंद्रित विकास, ओलंपिक शिक्षा और संस्थागत क्षमता निर्माण को प्राथमिकता देने वाले नए दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करती हैं। राष्ट्रीय ओलंपिक शिक्षा एवं विकास कार्यक्रम का उद्देश्य ओलंपिक पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए संरचित शिक्षा और विकास कार्यक्रम उपलब्ध कराना है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय खेल महासंघों और राज्य ओलंपिक संघों के सहयोग से लागू होगा, जिससे इसका प्रभाव जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक सुनिश्चित हो सके। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास, उनके लिए करियर के अवसर, कोचों एवं अधिकारियों की क्षमता बढ़ाना और खेल संगठनों में सुशासन को मजबूत करना है। भारतीय ओलंपिक संघ ने पीटा उषा को राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी की अध्यक्ष बनाया है, जबकि ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग को इसका निदेशक नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के साथ मिलकर भारत में ओलंपिक शिक्षा कार्यक्रमों को विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी। आईओए ने कहा कि एनओईडीपी और राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी का पुनः सक्रिय होना भारत में एक मूल्य-आधारित ओलंपिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
