Saturday, October 31खबर जो असर करे |
Shadow

कानून

वोटर लिस्ट विवाद में सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर की मांग, 6 नवंबर को सुनवाई तय

वोटर लिस्ट विवाद में सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर की मांग, 6 नवंबर को सुनवाई तय

कानून
दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के विरुद्ध कथित रूप से वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के आरोप पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को सुनने के लिये 6 नवंबर को कार्यवाही करने का आदेश दिया। इस सुनवाई की जिम्मेदारी एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट विनोद जोशी को सौंपी गयी है, जो मामले को नई दलीलों के साथ फिर से देखेंगे। इस फैसले से पहले, 21 सितंबर को स्पेशल जज विशाल गोगने ने मामले को मजिस्ट्रेट के पास वापस भेजा था, यह निर्देश देते हुए कि आदेश का पुनर्विचार किया जाए और तर्कसंगत आदेश जारी किया जाए। जज विशाल गोगने ने कहा था कि मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिया गया आदेश “तर्कसंगत नहीं” है। इस आदेश को वकील विकास त्रिपाठी ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। पहले, 11 सितंबर को एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने याचिका को खारिज कर दिया था। याचि...
सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स को 973.64 करोड़ रुपये का रक्षा ऑर्डर

सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स को 973.64 करोड़ रुपये का रक्षा ऑर्डर

कानून, लाइफस्टाइल
हैदराबाद। सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड को नाटो के एक ग्राहक से 155 मिमी आर्टिलरी गोला-बारूद में इस्तेमाल होने वाली बेस ब्लीड यूनिट्स के निर्माण और आपूर्ति का बड़ा ऑर्डर मिला है। 102.23 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 973.64 करोड़ रुपये मूल्य के इस ऑर्डर को कंपनी को 12 महीने के भीतर पूरा करना है। इस समझौते को 155 मिमी आर्टिलरी गोला-बारूद की निर्माण शृंखला में अपनी क्षमताओं का विस्तार करने की कंपनी की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस ऑर्डर के साथ कंपनी की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी। सिग्मा पहले से ही 155 मिमी आर्टिलरी शेल और फ्यूज के क्षेत्र में काम कर रही है। अब बेस ब्लीड यूनिट्स को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में शामिल करके कंपनी गोला-बारूद निर्माण की पूरी प्रक्रिया में अपनी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे वैश्विक आर्टिलरी गोला-बारूद बाजार के ...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी शादाब अहमद की जमानत शर्तों में बदलाव की याचिका खारिज कर दी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी शादाब अहमद की जमानत शर्तों में बदलाव की याचिका खारिज कर दी

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में जमानत पर रहे शादाब अहमद की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने गाज़ियाबाद में लॉ की पढ़ाई के लिये दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति मांगी थी। न्यायालय के सामने यह याचिका पेश करने के बाद, आरोपी के वकील ने इसे वापस ले लिया, जिसके बाद अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया और ट्रायल कोर्ट से संपर्क करने की अनुमति दे दी। सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने स्पष्ट कहा, “हम इस शर्त में कोई बदलाव नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी नोट किया कि शादाब अहमद ने दिल्ली के सभी लॉ कॉलेजों को छोड़कर गाज़ियाबाद के कॉलेज में दाखिला क्यों लिया, इसका वह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। शादाब के वकील ने तर्क दिया कि उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में सीट पाने की कोशिश की, लेकिन अवसर नहीं मिला, इसलिए गाज़ियाबाद के कॉलेज में दाखिला लिया...
हाई कोर्ट ने गृह सचिव को जेलों में रिक्त पदों की नियुक्ति हेतु 7 दिसंबर तक आदेश का पालन करने का निर्देश

हाई कोर्ट ने गृह सचिव को जेलों में रिक्त पदों की नियुक्ति हेतु 7 दिसंबर तक आदेश का पालन करने का निर्देश

कानून
रांची, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड उच्च न्यायालय में सोमवार को जेलों में रिक्त पदों की नियुक्ति के संदर्भ में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गृह सचिव के खिलाफ अवमानना कार्रवाई को रोका और 7 दिसंबर तक मौजूदा आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के भीतर जेलों में खाली पदों को भरने का आदेश पालन किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल किया। सरकार ने बताया कि गृह विभाग ने असिस्टेंट जेलर और जेल वार्डर के पदों के लिये शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) का कार्यक्रम तय कर दिया है। विभिन्न ज़ोन में अलग-अलग तिथियों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया शीघ्र समाप्त कर ली जाएगी। हालांकि, अदालत ने इस जवाब पर असंतोष जताया। दूसरी ओर, ...
सुप्रीम कोर्ट ने एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे पर दायर याचिका को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने एआईएडीएमके विधायकों के इस्तीफे पर दायर याचिका को खारिज किया

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दाखिल की गई रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसका दायरकर्ता एम. श्रीनिवासन था। इस याचिका में 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) छोड़कर मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगुड़ वेत्रि कझगम (टीवीके) में शामिल होने वाले पूर्व विधायकों के इस्तीफे को अवैध घोषित करने की मांग की गई थी। सीजेआई सूर्यकांत के अध्यक्षता वाली पैनल ने सुनवाई के दौरान कहा कि “किसी निर्वाचित प्रतिनिधि का अपने विधायक पद से इस्तीफा देकर दूसरी पार्टी में शामिल होना एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है और इसमें कुछ भी ‘आपराधिक’ नहीं है।” याचिकाकर्ता के वकीलों ने ‘खरीद‑फरोख्त (हॉर्स‑ट्रेडिंग)’ के आरोपों को उठाया और पहले से दर्ज एफआईआर का हवाला दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि एफआईआर की जांच अपनी गति...
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या आवास योजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या आवास योजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर फैसला सुरक्षित रखा

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय की वह पीठ, जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस सूर्यकांत कर रहे हैं, ने श्री सरयू नगर विकास समिति द्वारा दायर की गई याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इस याचिका में अयोध्या में प्रस्तावित एक विस्तृत आवासीय योजना के तहत भूमि अधिग्रहण को चुनौती दी गई थी, और अदालत ने इस मुद्दे को अभी के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 6 अगस्त को उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को निर्देश दिया था कि वह उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम के अंतर्गत अनिवार्य भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के सभी लाभ स्पष्ट रूप से निर्धारित करे। कोर्ट ने इस प्राधिकरण से कहा था कि वह अपने पूर्वनिर्णय में स्थापित कानूनी सिद्धांतों के अनुरूप इन पहलुओं को निपटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए...
हाई कोर्ट ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा रद्द करने की संयुक्त सुनवाई का अनुरोध खारिज किया

हाई कोर्ट ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा रद्द करने की संयुक्त सुनवाई का अनुरोध खारिज किया

कानून
रांची, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड उच्च न्यायालय में सोमवार को 11 से 13 जुड़े झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की मुख्य परीक्षा के परिणाम रद्द करने की मांग से संबंधित अपील पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक के नेतृत्व में कार्यरत खंडपीठ ने अयूब तिर्की एवं अन्य द्वारा दायर अंतरिम आवेदन (आईए) को खारिज कर दिया। इस आवेदन में अपीलकर्ता राज्य सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय को चुनौती देने वाले अलग मामले को भी अपनी मौजूदा अपील के साथ सुनवाई का आग्रह कर रहे थे। सुनवाई के दौरान अपीलकर्ताओं ने अदालत को बताया कि उन्होंने पहले मुख्य परीक्षा के परिणाम रद्द करने की मांग की थी, जिसे एकल पीठ ने अस्वीकार कर दिया था। फिर राज्य सरकार ने उसी परीक्षा को रद्द करने का अपना निर्णय लिया, जिसके खिलाफ एक अलग याचिका दायर की गई थी। अपीलकर्ताओं ने तर्क दिया कि दोनों मामलों का मूल परीक्षा एक ही है, इस...
झारखंड हाई कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में सुभान मियां को जमानत दी, 6 साल से अधिक जेल का हवाला

झारखंड हाई कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में सुभान मियां को जमानत दी, 6 साल से अधिक जेल का हवाला

कानून
रांची, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड के चतरा जिले के टंडवा में स्थित मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में सजा काट रहे सुभान मियां को झारखंड हाई कोर्ट ने राहत प्रदान की। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने अंतरिम आवेदन (आईए) पर सुनवाई के बाद जमानत का आदेश दिया। सुभान मियां ने साढ़े छह साल से अधिक समय जेल में बिताने का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने सुभान मियां को जमानत देने का आदेश जारी किया। ध्यान देने योग्य बात यह है कि 18 अगस्त को रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने इस टेरर फंडिंग मामले में 12 दोषियों को आठ से दस साल की सजा सुनाई थी, साथ ही उन्हें 40,000 से 90,000 रुपये तक का जु...
सुप्रीम कोर्ट ने पारम्परिक ‘जमातिया प्रथागत कानून, 2017’ की धारा 143 को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर त्रिपुरा सरकार व टीटीएएडीसी से माँगा विस्तृत जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने पारम्परिक ‘जमातिया प्रथागत कानून, 2017’ की धारा 143 को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर त्रिपुरा सरकार व टीटीएएडीसी से माँगा विस्तृत जवाब

कानून
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में लागू किए गए जमातिया प्रथागत कानून की धारा 143 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की और त्रिपुरा सरकार तथा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) से विस्तृत जवाब मांगा। यह सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच द्वारा संचालित की गई। याचिका दायर करने वाली वकील मधुमिता भट्टाचार्य ने याचिका में स्पष्ट किया कि धारा 143 के तहत जो प्रावधान मौजूद है, वह “किसी महिला को बहला‑फुसलाकर ले जाने तथा उससे संबंधित रेप (बलात्कार) के मामलों में केवल आर्थिक दंड” की व्यवस्था करता है। उनका तर्क है कि इस प्रावधान के कारण अपराधियों को आपराधिक सजा से बचने का अवसर मिल रहा है; वे केवल जुर्माना भरकर गंभीर अपराध से जुड़ी सजा से बच निकलते हैं, जबकि पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिलता। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा‑ “विवादित मोदी‑अडानी वीडियो अभी नहीं दिखाया जा सकता”

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा‑ “विवादित मोदी‑अडानी वीडियो अभी नहीं दिखाया जा सकता”

कानून
कोलकाता, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उद्योगपति गौतम अडानी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जोड़ते हुए एक विवादास्पद वीडियो के निर्माण का आरोप लगाकर, अडानी समूह ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के द्वार पर दस्तक दी। न्यायालय ने आर्यक दत्त न्यायाधीश के समक्ष मामला पंजीकृत करने की अनुमति दी और उसी दिन सुनवाई का आदेश जारी किया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस वीडियो को अभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया जा सकता, हालांकि लिखित आदेश अभी जारी नहीं हुआ है। हाल ही में एक यूट्यूबर ने अडानी समूह के प्रमुख को लेकर एक क्लिप तैयार किया था, जिसमें कहा गया है कि नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी के बीच घनिष्ठ संबंध हैं और इस संबंध के माध्यम से अडानी समूह ने व्यावसायिक सफलता हासिल की है। क्लिप में गुजरात के मुंद्रा (मुंद्रा) में भूमि आवंटन और कोयला नीलामी के मामलों में अडानी को विशे...