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फिल्म जन नायकन की रिलीज मामले पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

फिल्म जन नायकन की रिलीज मामले पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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नई दिल्ली, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने तमिल अभिनेता **विजय** की फिल्म **जन नायकन** की रिलीज के मामले पर फिल्म निर्माता की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस **दीपांकर दत्ता** की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को **मद्रास उच्च न्यायालय** जाने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय को इस मामले पर **20 जनवरी** को सुनवाई करने का आदेश दिया। फिल्म के निर्माता **केवीएन प्रोडक्शंस** ने मद्रास उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। फिल्म को शुरुआत में **यूए सर्टिफिटेट** मिलना था लेकिन कुछ शिकायतों के बाद इस पर ग्रहण लग गया। फिल्म के निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड के सामने **18 दिसंबर, 2025** को फिल्म का प्रदर्शन किया था। सेंसर बोर्ड ने कुछ कट के साथ फिल्म को **यूए सर्टिफिकेट** देने की सिफारिश की थी, जिसके बाद निर्माताओं ने फिल्म म...
अभिनेता विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई

अभिनेता विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई

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नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय तमिल अभिनेता विजय की फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज के मामले पर कल यानि 15 जनवरी को सुनवाई करेगा। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी। फिल्म के निर्माता KVN प्रोडक्शंस ने मद्रास उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। फिल्म को शुरुआत में यूए सर्टिफिटेट मिलना था, लेकिन कुछ शिकायतों के बाद इस पर ग्रहण लग गया। फिल्म के निर्माताओं ने 18 दिसंबर, 2025 को फिल्म का प्रदर्शन किया था। सेंसर बोर्ड ने कुछ कट के साथ फिल्म को यूए सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी। इसके बाद निर्माताओं ने फिल्म में जरुरी बदलाव कर दिए, लेकिन सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट जारी नहीं किया। सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिलने के बाद फिल्म के निर्माताओं ने मद्रास उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने स...
तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले के पांच आरोपितों की जमानत याचिका खारिज

तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामले के पांच आरोपितों की जमानत याचिका खारिज

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नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। तीस हजारी कोर्ट के जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सायेशा चड्ढा ने फैज-ए-इलाही मस्जिद का अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थर चलाने के पांच आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने जमानत याचिकाएं खारिज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने 13 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। तीस हजारी कोर्ट ने 8 जनवरी को पांचों आरोपितों को 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और जांच के प्रारंभिक स्तर को देखते हुए मोहम्मद अरीब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर की जमानत याचिकाएं खारिज करने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपितों के खिलाफ चांदनी महल थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, 121, 191, 223ए और प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रोपर्टी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक एक नाबा...
जालसाज व चोर गिरोह के सरगना की जमानत याचिका को गैंगस्टर न्यायालय ने किया निरस्त

जालसाज व चोर गिरोह के सरगना की जमानत याचिका को गैंगस्टर न्यायालय ने किया निरस्त

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मऊ, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश में मऊ जनपद के न्यायालय विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार वत्स ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों में सुनवाई के दौरान अभियुक्त गैंग लीडर की जमानत याचिका निरस्त कर दी। अभियुक्त द्वारा दाखिल जमानत याचिका पर उसके अधिवक्ता व राज्य की तरफ से कृष्ण शरण सिंह, विशेष लोक अभियोजक, गैंगस्टर एक्ट, जिला मऊ को सुनने व केस डायरी और अभियोजन प्रपत्र के अवलोकन के पश्चात निरस्त करने का निर्णय सुनाया। प्रस्तुत प्रकरण थाना-कोतवाली, जिला मऊ का है, थाना क्षेत्र के अंतर्गत अभियुक्त द्वारा संगठित गिरोह बनाकर अवैध तरीके से ठगी व चोरी करने का अपराध किया जा रहा था। इस सक्रिय गिरोह पर नियंत्रण हेतु थाना प्रभारी कोतवाली, जिला मऊ द्वारा गैंग चार्ट तैयार कर उसका जिला मजिस्ट्रेट- मऊ द्वारा नियमानुसार अनुमोदन के पश्चात मुकदमा गैंग लीडर होज़ैफा नस...
संभल हिंसा: संभल के सीओ रहे अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस जवानाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

संभल हिंसा: संभल के सीओ रहे अनुज चौधरी समेत 20 पुलिस जवानाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

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संभल, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल हिंसा मामले में **सीजेएम** कोर्ट ने तत्कालीन **सीओ अनुज चौधरी** और **इंस्पेक्टर अनुज तोमर** समेत **20** से अधिक पुलिस कर्मियों पर **एफआईआर** दर्ज करने का दिया आदेश। जनपद संभल की **सदर कोतवाली** क्षेत्र में स्थित **शाही जामा मस्जिद** के दूसरे सर्वे के दौरान **24 नवंबर 2024** को हुई हिंसा के दौरान एक युवक को गोली लगने के मामले में युवक के पिता की याचिका पर **सीजेएम** कोर्ट के न्यायाधीश **विभांशु सुधीर** ने तत्कालीन **सीओ संभल अनुज चौधरी** और तत्कालीन कोतवाली प्रभारी **अनुज तोमर** समेत **20** से अधिक पुलिसकर्मियों के विरुद्ध **एफआईआर** दर्ज करने के आदेश पारित किए हैं। संभल हिंसा मामले में **चंदौसी** की **सीजेएम** कोर्ट ने तत्कालीन **सीओ अनुज चौधरी** और **इंस्पेक्टर अनुज तोमर** समेत **20** से अधिक पुलिसकर्मियों पर **एफआईआर** दर्ज करने...
दिल्ली ब्लास्ट केस: डॉ. शाहीन समेत पांच आरोपित 3 दिन की एनआईए हिरासत में

दिल्ली ब्लास्ट केस: डॉ. शाहीन समेत पांच आरोपित 3 दिन की एनआईए हिरासत में

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नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला के पास विस्फोट के पांच आरोपितों को तीन दिनों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में भेज दिया है। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अंजु बजाज चांदना ने डॉ. शाहीन सईद के अलावा मुफ्ती इरफान अहमद, जहीर बिलाल वानी उर्फ दानिश, डॉ. आदिल अहमद और डॉ मुजम्मिल शकील को एनआईए की हिरासत में भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने 18 नवंबर को दानिश को एनआईए हिरासत में भेजा था। एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की। दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया। वह अक्टूबर, 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ...
दिल्ली हाई कोर्ट ने नए श्रम कानूनों के नोटिफिकेशन पर केंद्र सरकार को फटकारा

दिल्ली हाई कोर्ट ने नए श्रम कानूनों के नोटिफिकेशन पर केंद्र सरकार को फटकारा

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दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नए श्रम कानूनों के नोटिफिकेशन को लेकर केंद्र सरकार की सुस्ती पर नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र से कहा कि उसने पिछले आदेश का पालन नहीं किया है। मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी को होगी। आज उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील रविंद्र एस गरिया ने बताया कि केंद्र ने 8 दिसंबर के नोटिफिकेशन में कोई सुधार नहीं किया है। वकील ने यह भी कहा कि नए कानून कैसे लागू हो सकते हैं जब नोटिफिकेशन में आवश्यक सुधार नहीं किए गए। कोर्ट ने केंद्र के नोटिफिकेशन में कमियों पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि नए कानून को लागू करने के लिए पूर्व कानून को निरस्त किए बिना और नए नियम बनाए बिना यह संभव नहीं है। एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि अदालती सवालों के जवाब देने में असमर्थ रहे, जिससे मामला फिर से सुनवाई के लिए रोक...
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मुकदमों से संरक्षण को चुनौती, केंद्र और आयोग को नोटिस

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को मुकदमों से संरक्षण को चुनौती, केंद्र और आयोग को नोटिस

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नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को उनकी आधिकारिक ड्यूटी के दौरान लिए गए फैसलों के संबंध में मुकदमों से सुरक्षा देने वाले कानूनी प्रावधान को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई है। इस संदर्भ में, उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिका 'लोक प्रहरी' नामक संस्था द्वारा दायर की गई है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा की शर्तें एवं कार्यकाल अधिनियम की धारा 16 को चुनौती दी गई है। उक्त धारा के अंतर्गत यह प्रावधान है कि चुनाव आयुक्तों के आधिकारिक कार्यों के संबंध में किसी भी प्रकार के दीवानी या आपराधिक मुकदमे नहीं चलाए जा सकते।...
एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर पॉलिसी अपनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर पॉलिसी अपनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

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नई दिल्ली, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के आरक्षण में क्रीमी लेयर नीति लागू करने की याचिका पर केन्द्र सरकार, सभी राज्यों, अनुसूचित जाति आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई चार हफ्तों बाद होगी। वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि एससी-एसटी समुदाय में संपन्न वर्ग (क्रीमी लेयर) की पहचान होनी चाहिए, ताकि उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर रखा जा सके और वास्तविक हकदार, यानी वंचित तबके को इसका लाभ मिल सके। याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने एक बार आरक्षण का लाभ उठाकर समाज में एक स्थिति प्राप्त कर ली है, तो उस परिवार की दूसरी पीढ़ी को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/संजय --------------- हिन्दुस्थान समाचा...