Friday, March 6खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: सामाजिक सद्भाव

जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

कानून
नई दिल्ली, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। जमीअत उलमा-ए-हिंद ने अपने अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के माध्यम से आज सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत याचिका दायर करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हालिया सार्वजनिक बयान को गंभीर घृणा आधारित, सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और संवैधानिक मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया है। याचिका में असम के मुख्यमंत्री के 27 जनवरी, 2026 को दिए गए उस भाषण का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि “चार से पांच लाख ‘मियां’ वोटर्स को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा” और यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी “सीधे मियां लोगों के खिलाफ” हैं। याचिका के अनुसार, ‘मियां’ शब्द असम में मुसलमानों के लिए अपमानजनक और बेइज्जती करने वाले तरीके से प्रयोग किया जाता है। याचिका में आगे कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री का उपरोक्त भाषण, इस संदर्भ में कि वह एक ऊंच...
अमन-शांति, सुरक्षा और प्रगति के लिए आपसी संवाद ज़रूरी

अमन-शांति, सुरक्षा और प्रगति के लिए आपसी संवाद ज़रूरी

लेख
By: - प्रो. जसीम मोहम्मद अमन-शांति, सुरक्षा और प्रगति के लिए आपसी संवाद ज़रूरी पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपालजी को सुनने का अवसर मिला। उन्होंने स्पष्ट रूप से इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदू-मुसलमानों के बीच आपसी संवाद का मकसद मुसलमानों को आरएसएस के नज़रिए को मानने के लिए बाध्य करना नहीं है, बल्कि उनकी चिंताओं और कठिनाइयों को ईमानदारी से समझना है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतीय समाज की संवाद परंपरा यह मानती है कि हर तर्क में कुछ सचाई होती है। आपस में सिर्फ़ एक-दूसरे पर आरोप लगाने या अलग-अलग पक्षों द्वारा सांप्रदायिक उन्माद की घटनाओं का उल्लेख करने से कुछ हासिल नहीं होता। उन्होंने यह उल्लेख किया कि सांप्रदायिक तनाव की असली जड़ "दूसरों को अलग-थलग करने" में है, जबकि समावेशी स्वरूप में समाज को एकजुट करने की शक्ति है। बताया कि सांप्रदायिक घट...
धारा 342 को समाप्त कर देने से बहुत हद तक समाप्त होगा धर्मांतरण : होसबाले

धारा 342 को समाप्त कर देने से बहुत हद तक समाप्त होगा धर्मांतरण : होसबाले

राष्ट्रीय
रांची, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने सोमवार को रांची में आयोजित सामाजिक सद्भाव की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में विभिन्न जाति और समुदायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर समाज की समसामयिक समस्याओं पर चर्चा की। होसबाले ने धर्मांतरण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि धारा 342 को समाप्त किया जाए, तो धर्मांतरण की समस्या में काफी कमी आएगी। उन्होंने झारखंड, पूर्वोत्तर राज्य और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में धर्मांतरण की घटनाओं का उल्लेख किया और इसके लिए गरीबी, अशिक्षा और अंधविश्वास को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ भी आवाज उठाई। होसबाले ने पुरुष-महिला समानता की ज़रूरत पर भी बल दिया और कहा कि समाज में सहयोग और आपसी सम्मान बढ़ाना आवश्यक है। बांग्लादेशी घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने सरकार से समा...