Friday, March 6खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: संस्कार

संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी

संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी

लेख
By: कैलाश चन्द्र संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी -कैलाश चन्द्र भारतीय समाज की रचना में परिवार केवल रक्त-संबंधों का केंद्र नहीं बल्कि एक जीवंत संस्कृति, अनुशासन और भविष्य का निर्माण करने वाली संस्था है। जब दुनिया व्यक्तिगतता, उपभोक्तावाद और क्षणिक सुख की संस्कृति में उलझकर अपने मूल्यों से दूर जा रही है, तब हमारे लिए यह समझना अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि राष्ट्र-निर्माण किसी एक नीति, किसी एक नेतृत्व या किसी एक विचारधारा से नहीं चलता; उसका वास्तविक केंद्र परिवार होता है। परिवार ही वह स्थान है जहाँ भविष्य की पीढ़ियाँ अपना पहला श्वांस, पहला संस्कार, पहली दृष्टि और पहला जीवन-शिक्षण प्राप्त करती हैं। अतः परिवार में संस्कारों की स्थापना केवल निजी जीवन का विषय नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय प्रश्न है। बच्चा अपने जन्म से किशोरावस्था...
रायपुर : शिक्षा के साथ संस्कार का होना आवश्यक : मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर : शिक्षा के साथ संस्कार का होना आवश्यक : मंत्री टंक राम वर्मा

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रायपुर में युवाओं के उत्साह और राष्ट्रप्रेम का भव्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुभाष स्टेडियम से स्वामी विवेकानंद सरोवर तक “स्वदेशी संकल्प दौड़” का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, स्वदेशी भावना और सकारात्मक सोच का विकास करना रहा। कार्यकम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने उन्हें आत्मविश्वास, चरित्र और राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का भी एक माध्यम है। मंत्री वर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार उसकी युवा शक्ति होती है। भार...