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Tag: संरक्षण

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘राजा भोरमदेव की कहानी’ पुस्तक का विमोचन

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘राजा भोरमदेव की कहानी’ पुस्तक का विमोचन

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज सोमवार को विधायक कार्यालय कवर्धा में 'द स्टोरी ऑफ किंग भोरमदेव' 'राजा भोरमदेव की कहानी' पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के रचनाकार रामप्रसाद बघेल को उप मुख्यमंत्री ने बधाई तथा आगे के सफल साहित्यिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं। शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है तथा इससे हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह कहानी अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। इस पुस्तक के प्रकाशन से भोरमदेव की ख्याति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तक न केवल राजा भोरमदेव के जीवन और काल की महिमा को उजागर करती है, बल्कि मनुष्य, प्रकृति और चेतना के बीच संतुलन की गूढ़ दार्शनिकता को भी बखूबी प्रस्तुत करती है। उन्होंने आग्रह किया कि वे इस पुस्तक को पढ़ें ...
चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

विशेष समाचार
आगरा, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। चंबल क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 435 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैला है, एक समय में डकैतों और बागियों का गढ़ था। लेकिन अब, यह अपनी स्वच्छ जल और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण संकटग्रस्त जलीय जीवों जैसे घड़ियाल, बटागुर कछुआ, डॉल्फिन और इंडियन स्कीमर के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय बन गया है। पिछले एक दशक में चंबल संक्चुअरी में मगरमच्छ की संख्या दोगुनी से अधिक हुई है और चंबल में घड़ियाल और डॉल्फिन की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। 1979 में स्थापित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को सम्मिलित करता है। इसकी लंबाई लगभग 440 किलोमीटर है, जिसमें घड़ियाल, मगरमच्छ, बटागुर कछुआ और डॉल्फिन सहित जलीय जीवों के निवास स्थान हैं। घड़ियाल संरक्षण परियोजना 1981 में शुरू की गई थी, जिसके तहत चंबल नदी की जैव विविधता को ...
राजाजी पार्क में लावारिस गज शिशु बना पर्यटकों का आकर्षण

राजाजी पार्क में लावारिस गज शिशु बना पर्यटकों का आकर्षण

विशेष समाचार
हरिद्वार, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में स्थित एलिफेंट कैंप में इन दिनों एक नन्हा मेहमान, जो कि एक हाथी का बच्चा है, वन विभाग और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह नन्हा हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था और जंगल में असहाय हालत में मिला था। अब यह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और कैंप परिसर में अपनी शरारतों से सभी का मन मोह रहा है। राजाजी पार्क की टीम इसकी देखभाल अपने परिवार के बच्चे की तरह कर रही है। दो सप्ताह पहले, 18 जनवरी को, जब श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा इलाके में वनकर्मी गश्त कर रहे थे, तभी उनकी नज़र इस नवजात गज शिशु पर पड़ी। बच्चा बहुत ही छोटा और अकेला था। वनकर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत बड़े अधिकारियों को दी। उसके बाद, अधिकारियों और डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया। काफी प्रयासों के बाद जब इसके हाथी झुंड का कोई...
प्रधानमंत्री ने पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांड को रामसर स्थल का दर्जा मिलने की खुशी जताई

प्रधानमंत्री ने पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढांड को रामसर स्थल का दर्जा मिलने की खुशी जताई

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ में स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थल के रूप में शामिल किए जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे जैव विविधता संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई पोस्ट का जवाब देते हुए यह प्रतिक्रिया दी और प्रधानमंत्री ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि एटा का पटना पक्षी अभयारण्य और कच्छ का छारी-ढांड रामसर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने स्थानीय निवासियों और आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की मान्यताएं...
बलरामपुर : अज्ञात नवजात बालिका के संबंध में सात दिवस के भीतर दावा-आपत्ति आमंत्रित

बलरामपुर : अज्ञात नवजात बालिका के संबंध में सात दिवस के भीतर दावा-आपत्ति आमंत्रित

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। चाइल्ड लाइन बलरामपुर के माध्यम से विकासखंड राजपुर अंतर्गत बरियों मार्ग पर एक अज्ञात नवजात बालिका प्राप्त हुई, जिसे बाल कल्याण समिति बलरामपुर के समक्ष नियमानुसार प्रस्तुत किया गया है। समिति के निर्देशानुसार, नवजात बालिका की उचित देखभाल और संरक्षण के लिए उसे तिवारी कॉलोनी, संगम चौक स्थित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर की देखरेख में अस्थायी रूप से रखा गया है। यदि किसी व्यक्ति को इस अज्ञात नवजात बालिका के संबंध में कोई दावा या आपत्ति हो, तो वह सूचना के प्रकाशन की तिथि से सात दिनों के भीतर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर में लिखित तरीके से दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त दावों या आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। यह प्रक्रिया किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के ...