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Tag: संघर्ष

दो बड़े संघर्षों की कीमत चुकाते दुनिया में भारत की आवाज़: जयशंकर

दो बड़े संघर्षों की कीमत चुकाते दुनिया में भारत की आवाज़: जयशंकर

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रविवार को कहा कि दुनिया आज दो बड़े संघर्षों‑ यूक्रेन और पश्चिम एशिया‑ में उलझी हुई है और इसकी सबसे बड़ी कीमत समाज और अर्थव्यवस्थाएँ चुकाती हैं, जिनका इन संघर्षों से कोई लेना‑देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम असहाय दर्शक बनकर नहीं रह सकते; भारत संवाद और कूटनीति पर बल देकर वैश्विक भावना को व्यक्त करता है और इस दिशा में अन्य साझेदारों के साथ काम करने के लिए तत्पर है। चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन में अपने प्रवचन में जयशंकर ने बताया कि जटिल आपूर्ति श्रृंखलाओं, वैश्वीकृत बाजारों और साझा संसाधनों के युग में दुनिया आधी समृद्ध और आधी वंचित रहकर प्रगति नहीं कर सकती। यह निरंतर अस्थिरता बनाए रखने का ही माध्यम है। मंत्री ने अपने बयान में आतंकवाद को शांति के लिए घातक खतरा बताया और कहा कि कुछ देश आज भी राजनीतिक गणना को प्राथम...
हूती ने रियाद हवाई अड्डे को निशाना बनाया, मक्का‑जेद्दा में मिसाइल के टुकड़े गिरे, ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया

हूती ने रियाद हवाई अड्डे को निशाना बनाया, मक्का‑जेद्दा में मिसाइल के टुकड़े गिरे, ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया

अंतरराष्ट्रीय
रियाद, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इरान‑समर्थित आतंकवादी समूह हूती ने सऊदी राजधानी के रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दूर रहने की चेतावनी जारी की है, यह कहते हुए कि हवाई अड्डा असुरक्षित है और उनका लक्ष्य इसे “जमींदोज” करना है। समूह ने कहा कि उन्होंने इस हवाई अड्डे के ऊपर उड़ते हुए बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर दिया है, जिससे टुकड़े मक्का और जेद्दा में गिर पड़े। सऊदी‑नेतृत्व वाली गठबंधन ने पुष्टि की कि उन्होंने रियाद के ऊपर उड़ती हुई मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया, जबकि यमन सरकार ने कहा कि इरान‑समर्थित समूह ने अदन पर हमला कर अमेरिकी ड्रोन को गिराने का दावा किया। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इरान की सेना ने दक्षिणी बंदर अब्बास के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराया। यह ड्रोन एक मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) था, जिसे इरान की अर्ध‑सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने “एलयूसैस” (LUCAS) बताया, यानी “लो‑कॉस्ट अनक...
बलोच लिबरेशन आर्मी ने नुश्की पर नियंत्रण बनाए रखा, मजीद ब्रिगेड के फिदायीन दंपति की मृत्यु

बलोच लिबरेशन आर्मी ने नुश्की पर नियंत्रण बनाए रखा, मजीद ब्रिगेड के फिदायीन दंपति की मृत्यु

अंतरराष्ट्रीय
क्वेटा, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में सेना को विद्रोहियों से कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि नुश्की शहर से सेना को खदेड़ दिया है और शहर में अभी भी उसका नियंत्रण है। हाल ही में हुई एक लड़ाई में, बीएलए के मजीद ब्रिगेड के एक फिदायीन दंपति की मृत्यु हो गई। इस बीच, पाकिस्तान के रक्षामंत्री ने कहा है कि बीएलए के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। द बलोचिस्तान पोस्ट की मंगलवार को प्रसारित रिपोर्ट के अनुसार, नुश्की अब भी बीएलए के नियंत्रण में है, जबकि जमीनी संचार सेवाएं बाधित हैं। इस लड़ाई में दर्जनों लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान की सेना के हवाई हमलों के बावजूद, बलोच लड़ाके नुश्की पर अपना नियंत्रण बनाए हुए हैं। खारान के पास बीएलए के लड़ाकों ने पाकिस्तान की सेना के दो जमीनी हमलों को विफल कर दिया, जिसके बाद सेना को पीछे हटना पड़...
पाकिस्तान के सुरक्षा बलों का बीएलए शिविर पर हमला, चार विद्रोही कमांडर मारे गए

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों का बीएलए शिविर पर हमला, चार विद्रोही कमांडर मारे गए

अंतरराष्ट्रीय
क्वेटा, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के हमले में आजादी के लिए संघर्षरत बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के चार विद्रोही मारे गए हैं। बीएलए प्रवक्ता जैनूद बलोच ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने मीडिया को जारी बयान में इस हमले का वर्णन करते हुए अपने चार कमांडरों के निधन पर गहरा शोक जताया है। द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता जैनूद बलोच ने कहा कि यह वाकया 12 जनवरी का है। बलोचिस्तान में जबरिया काबिज होने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने कलात के शोर परुद इलाके में बीएलए के एक अस्थायी शिविर पर हमला किया। इस हमले में बीएलए ने अपने चार कमांडर संगत जोहिर उर्फ ​​हक नवाज, मंजूर कुर्द उर्फ ​​बख्तियार चीता, समीउल्लाह उर्फ ​​जावेद फाहलिया और नसीर अहमद उर्फ ​​मीरेक को खो दिया। बीएलए प्रवक्ता ने कहा कि बीएलए अपने शहीद कमांडरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए आजादी...
ईरान का इस्लामिक दुनिया से रिश्तों का जटिल जाल

ईरान का इस्लामिक दुनिया से रिश्तों का जटिल जाल

लेख
By: -------------- ईरान का इस्लामिक दुनिया से रिश्तों का जटिल जाल -विवेक शुक्ला रमजान के महीने में राजधानी दिल्ली में इस्लामिक देशों के राजनयिक आमतौर पर चाणक्यपुरी में स्थित सूडान एंबेसी में नमाज अदा करते हैं। पर ईरानी राजनयिक अपनी एंबेसी में ही नमाज अदा करते हैं। ईरान और शेष इस्लामिक संसार में दूरियों को इस उदाहरण से कुछ हद कर समझा जा सकता है। दरअसल, ईरान के इस्लामिक राष्ट्रों के साथ संबंध जटिल और बहुआयामी हैं। 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान ने शिया इस्लाम को अपनी विदेश नीति का आधार बनाया है, जो सुन्नी-बहुल मुस्लिम दुनिया के साथ उसके संबंधों को प्रभावित करता है। ईरान की सरकार खुद को इस्लामिक एकता का समर्थक बताती है लेकिन वास्तव में वह शिया प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश करती रहती है। ईरान की इस्लामिक क्रांति ने उसे मुस्लिम दुनिया में एक वैकल्पिक मॉडल के रूप में स्थापित किया, जहा...