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Tag: वन्यजीव

चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

चंबल नदी: संकटग्रस्त जलीय जीवों का संरक्षण केंद्र

विशेष समाचार
आगरा, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। चंबल क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 435 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में फैला है, एक समय में डकैतों और बागियों का गढ़ था। लेकिन अब, यह अपनी स्वच्छ जल और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण संकटग्रस्त जलीय जीवों जैसे घड़ियाल, बटागुर कछुआ, डॉल्फिन और इंडियन स्कीमर के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय बन गया है। पिछले एक दशक में चंबल संक्चुअरी में मगरमच्छ की संख्या दोगुनी से अधिक हुई है और चंबल में घड़ियाल और डॉल्फिन की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। 1979 में स्थापित राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों को सम्मिलित करता है। इसकी लंबाई लगभग 440 किलोमीटर है, जिसमें घड़ियाल, मगरमच्छ, बटागुर कछुआ और डॉल्फिन सहित जलीय जीवों के निवास स्थान हैं। घड़ियाल संरक्षण परियोजना 1981 में शुरू की गई थी, जिसके तहत चंबल नदी की जैव विविधता को ...
राजाजी पार्क में लावारिस गज शिशु बना पर्यटकों का आकर्षण

राजाजी पार्क में लावारिस गज शिशु बना पर्यटकों का आकर्षण

विशेष समाचार
हरिद्वार, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में स्थित एलिफेंट कैंप में इन दिनों एक नन्हा मेहमान, जो कि एक हाथी का बच्चा है, वन विभाग और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह नन्हा हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था और जंगल में असहाय हालत में मिला था। अब यह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और कैंप परिसर में अपनी शरारतों से सभी का मन मोह रहा है। राजाजी पार्क की टीम इसकी देखभाल अपने परिवार के बच्चे की तरह कर रही है। दो सप्ताह पहले, 18 जनवरी को, जब श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा इलाके में वनकर्मी गश्त कर रहे थे, तभी उनकी नज़र इस नवजात गज शिशु पर पड़ी। बच्चा बहुत ही छोटा और अकेला था। वनकर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत बड़े अधिकारियों को दी। उसके बाद, अधिकारियों और डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया। काफी प्रयासों के बाद जब इसके हाथी झुंड का कोई...
वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदुए के वीडियो को फेसबुक पर साझा किया

वन मंत्री केदार कश्यप ने तेंदुए के वीडियो को फेसबुक पर साझा किया

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बारसूर-चित्रकोट मार्ग पर एक तेंदुआ दिखने का एक वीडियो वन मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर साझा किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि तेंदुआ बीच सड़क पर बहुत देर तक बैठा रहा, जबकि गाड़ी में मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बनाया। गाड़ी की लाइट पड़ने के बावजूद तेंदुआ सड़क पर ही रहा। हालांकि, वन विभाग ने बताया है कि घटना कब और कहाँ हुई इसकी जांच की जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भरोसा न करें और किसी भी वन्यजीव के दिखने की सूचना सीधे वन विभाग या नजदीकी थाने को दें। इसके अलावा, विभाग ने बताया कि वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो कब और कहाँ का है।...
अनूपपुर: धनगवां के जंगल में डेरा जमाया तीन हाथी, रात में अचानक आ जाने का बना रहता डर

अनूपपुर: धनगवां के जंगल में डेरा जमाया तीन हाथी, रात में अचानक आ जाने का बना रहता डर

मध्य प्रदेश, राज्य
अनूपपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में तीन हाथियों का समूह पिछले एक महीने से लगातार जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में डेरा जमाए हुए है। ये हाथी देर रात अचानक जंगल से लगे गांवों में पहुंचकर किसानों के खेतों और घरों में घुस जाते हैं, जिससे आसपास के लोग हमेशा डर और सहम के साए में जीते हैं। रविवार-सोमवार की रात को इन हाथियों ने ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव की गोढाटोला में दिनेश राठौर, विकास राठौर और कन्हैया राठौर के खेतों में तैयार फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा, भलुवान टोला में छंगू सिंह के घर में भी तोड़फोड़ की। तीन हाथियों के समूह में एक छोटा हाथी भी शामिल है, जो झंडीटोला जंगल से अकेला निकलकर चोई गांव में विकास राठौर के खेत में लगे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद जंगल की ओर लौट गया। सोमवार को सभी तीन हाथी धनगवां बीट के तुर्का डोंगरी जंगल में लौट आए...