Friday, March 6खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: चीन

प्रतिभा पलायन के बीच ईयू ट्रेड डील का लाभ लेने को हम कितने तैयार हैं!

प्रतिभा पलायन के बीच ईयू ट्रेड डील का लाभ लेने को हम कितने तैयार हैं!

लेख
By: डॉ. मयंक चतुर्वेदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को परिवर्तनकारी समझौता कहा है। वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से हर साल करीब 4 अरब यूरो (43 हजार करोड़ रुपये) के टैरिफ कम होंगे और लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे। इस वक्‍त भारत और ईयू मिलकर वैश्विक जीडीपी का करीब 25 फीसद और दुनिया के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई सा अपने पास रखते हैं। कहा जा रहा है कि यह समझौता व्यापार संबंधों में विविधता लाने और अमेरिका और चीन पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा, इससे हर साल ड्यूटी में चार अरब यूरो की बचत होगी। अब ये बचत वास्‍तव में कितनी सच होगी ये आनेवाला वक्‍त बताएगा, किंतु आज बड़ा सवाल है कि हम चीन की तुलना में ईयू को अपना सामान बेचने के लिए कितने तैयार हैं। इसके लिए जो ...
भारत ने दक्षिण अफ्रीका में नौसैनिक अभ्यास को ब्रिक्स गतिविधि नहीं माना

भारत ने दक्षिण अफ्रीका में नौसैनिक अभ्यास को ब्रिक्स गतिविधि नहीं माना

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। दक्षिण अफ्रीका के तटों पर आयोजित नौसैनिक अभ्यास में शामिल न होने की खबरों के बीच भारत ने कहा है कि यह कोई नियमित या संस्थागत ब्रिक्स गतिविधि नहीं है। यह अभ्यास पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की पहल थी, जिसमें हिस्सा नहीं लिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा कि भारत ने हाल ही में आयोजित ‘ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास’ में भाग नहीं लिया। यह अभ्यास पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की पहल थी, जिसमें कुछ ब्रिक्स सदस्य देशों ने हिस्सा लिया। इसे नियमित या संस्थागत ब्रिक्स गतिविधि नहीं माना जा सकता और सभी सदस्य देशों ने इसमें भाग भी नहीं लिया। जायसवाल ने कहा कि भारत ने पहले भी ऐसे अभ्यासों में भाग नहीं लिया है। भारत जिस नियमित अभ्यास का हिस्सा है, वह भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका समुद्री अभ्यास (आईबीएसएएमएआर) समुद्री अभ्यास है, जिसमें भारत, ब्रा...
भारतीय सेना: युद्धभूमि में अडिग, संकट में राष्ट्र का संबल

भारतीय सेना: युद्धभूमि में अडिग, संकट में राष्ट्र का संबल

लेख
- योगेश कुमार गोयल भारतीय सेना: युद्धभूमि में अडिग, संकट में राष्ट्र का संबल प्रतिवर्ष 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष हम 78वां सेना दिवस मना रहे हैं। सेना दिवस के अवसर पर पूरा देश थलसेना के अदम्य साहस, जांबाज सैनिकों की वीरता, शौर्य और उनकी शहादत को याद करता है। इस विशेष अवसर पर जवानों के दस्ते और अलग-अलग रेजीमेंट की परेड के अलावा झांकियां भी निकाली जाती हैं और उन सभी बहादुर सेनानियों को सलामी दी जाती है, जिन्होंने देश और लोगों की सलामती के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। 15 जनवरी को यह दिवस मनाए जाने का विशेष कारण यह है कि 1899 में कर्नाटक के कुर्ग में जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा आज ही के दिन वर्ष 1949 में भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ बने थे। उन्होंने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। जनरल बुचर भारत के आखिरी ब...
डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने आर्कटिक में बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, नाटो सहयोगियों के साथ अभ्यास शुरू

डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने आर्कटिक में बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, नाटो सहयोगियों के साथ अभ्यास शुरू

अंतरराष्ट्रीय
कोपेनहेगन/नुक, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। **डेनमार्क** और **ग्रीनलैंड** ने **आर्कटिक** क्षेत्र में अपनी सैन्य सक्रियता को और तेज कर दिया है। **ग्रीनलैंड** सरकार ने पुष्टि की है कि **डेनिश सेना** और **नाटो** के अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर **ग्रीनलैंड** के भीतर और आसपास सैन्य अभ्यास किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य **आर्कटिक** क्षेत्र की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है। **ग्रीनलैंड** सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया कि इन अभ्यासों का मकसद **आर्कटिक** की विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैन्य कौशल का विकास करना और क्षेत्र में ऐसी उपस्थिति सुनिश्चित करना है, जो यूरोप और **अटलांटिक** की समग्र सुरक्षा में योगदान दे। इस सैन्य तैनाती को लेकर दिन में पहले ही अटकलें तेज हो गई थीं, जब **डेनमार्क** के मीडिया में खबरें सामने आईं कि **ग्रीनलैंड** में सैनिकों की आवाजाही बढ...
ताइवान का आरोप- फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया खातों से चीन फैला रहा दुष्प्रचार

ताइवान का आरोप- फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया खातों से चीन फैला रहा दुष्प्रचार

अंतरराष्ट्रीय
ताइपे, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। ताइवान की प्रमुख खुफिया एजेंसी ने चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि चीन, ताइवान के खिलाफ गलत सूचना फैलाने के लिए फर्जी समाचार वेबसाइटें और सोशल मीडिया खाते बनवा रहा है। इसे ताइवान के खिलाफ चीन की "कॉग्निटिव वॉरफेयर" या मानसिक युद्ध रणनीति का एक हिस्सा बताया गया है। ताइवान के नेशनल सिक्योरिटी ब्यूरो (एनएसबी) ने हाल ही में चीन की संज्ञानात्मक युद्ध रणनीति पर एक विश्लेषण रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 में ताइवान की खुफिया एजेंसियों ने 45 हजार से अधिक फर्जी सोशल मीडिया खातों और लगभग 23 लाख भ्रामक सूचनाओं की पहचान की है, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से फैलाया गया है। एनएसबी ने बताया है कि यह दुष्प्रचार चीनी आईटी कंपनियों द्वारा संचालित बॉट्स और फर्जी अकाउंट्स के माध्यम से किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मार...